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    पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में खूनी संघर्ष, सेना की गोलीबारी में 7 की मौत

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलाकोट में गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई के बाद भीषण हिंसा भड़क गई। प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 7 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 23 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय सूत्रों ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए रिहायशी क्षेत्रों में ड्रोन से भी हमले किए गए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

    बस टर्मिनल पर दो घंटे तक चला खूनी टकराव

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी रेंजर्स, फ्रंटियर कोर और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह लगभग 8 बजे रावलाकोट के मुख्य बस स्टैंड को घेरकर कार्रवाई शुरू कर दी। इस स्थान पर 'संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी' (जेएएसी) के समर्थक पिछले कई महीनों से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे थे। सुरक्षा बलों और प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के बीच तकरीबन दो घंटे तक हिंसक झड़प और गोलीबारी का दौर चला, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने बस स्टैंड पर अपना कब्जा जमा लिया।

    ड्रोन हमले और निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी का आरोप

    आंदोलनकारी संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र ने शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और नागरिक बस्तियों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। इस दौरान वसीम शकील नामक एक स्थानीय निवासी के मकान को भारी क्षति पहुंचने का समाचार है। इसके विपरीत, पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के समय प्रदर्शनकारियों ने पहले गोलियां दागी थीं, जिसके जवाब में बल प्रयोग करना पड़ा।

    38 सूत्रीय मांगों को लेकर महीनों से जारी है आंदोलन

    जेएएसी अपनी 38 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चला रही है। इन प्रमुख मांगों में बिजली बिलों में छूट, बेकाबू महंगाई से राहत, युवाओं के लिए रोजगार और मूलभूत राजनीतिक अधिकार शामिल हैं। जून माह से जारी इस जनआंदोलन में पूर्व में भी कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। ताजा हिंसा के बाद पूरे इलाके में इंटरनेट व संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिए जाने से वास्तविक परिस्थितियों का स्वतंत्र आकलन करना कठिन बना हुआ है।

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