जयपुर। रोशनी, उल्लास और खरीदारी के उत्साह से सराबोर बाजारों के बीच छह दिवसीय दीपोत्सव का आगाज शुक्रवार को धनतेरस के साथ हो गया है। हस्त नक्षत्र, कुबेर योग और अमृत योग के विशेष संयोग में शहरवासी भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ शुभ खरीदारी करेंगे। अबूझ मुहूर्त होने के कारण अलग-अलग शुभ चौघड़ियों में सुबह से लेकर देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने के आसार हैं। इस बार धनतेरस पर पूरे राजस्थान में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये और अकेले जयपुर में करीब 6 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
देशभर में चार लाख करोड़ तक धनवर्षा का अनुमान
व्यापारिक संगठन 'कैट' (CAIT) के अनुसार, इस बार दीपोत्सव के दौरान देशभर में करीब सात लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है, जिसमें से केवल धनतेरस के दिन ही 3.50 से 4 लाख करोड़ रुपये का व्यापार संभव है। पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। बाजारों में की गई आकर्षक सजावट और रोशनी दीपोत्सव की खुशियों को और बढ़ा रही है। शाम ढलते ही रोशनी से नहाए बाजारों की खूबसूरती देखने लोग अपने परिवारों के साथ निकलेंगे।
शनिवार सुबह तक खरीदारी का रहेगा शुभ समय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सुबह 10.31 बजे से शुरू होकर शनिवार सुबह 10.48 बजे तक रहेगी। शुक्रवार शाम 5.37 से रात 8.15 बजे तक प्रदोष काल में यमराज के निमित्त दीपदान किया जाएगा। इस दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती के साथ मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर का भी विशेष पूजन होगा।
विभिन्न सामानों की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त
चर (सुबह 6.44 से 8.05 बजे): बर्तन, वस्त्र और पूजन सामग्री की खरीदारी।
लाभ व अमृत (सुबह 8.05 से 10.49 बजे): वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोने-चांदी के सिक्के व आभूषण।
शुभ (दोपहर 12.10 से 1.32 बजे): सजावटी सामान, वाहन, आभूषण और कपड़े।
चर (शाम 4.15 से 5.37 बजे): बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और आभूषण।
लाभ (रात 8.38 से 10.32 बजे): इलेक्ट्रॉनिक्स, चांदी के सिक्के और बर्तन।
बाजारों में तेजी, सर्राफा और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी उम्मीदें
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि नवरात्र में कारोबार भले ही धीमा रहा हो, लेकिन दीपोत्सव के नजदीक आते ही बाजारों ने तेजी पकड़ ली है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में आई हलचल के बाद भी शगुन और निवेश के लिहाज से धनतेरस पर भारी बिक्री की उम्मीद है। आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में अकेले धनतेरस पर वाहनों की बिक्री 5,000 करोड़ रुपये, ज्वैलरी व सिक्कों की खरीद 4,000 करोड़ रुपये, इलेक्ट्रॉनिक्स 3,000 करोड़ रुपये, कपड़े 2,000 करोड़ रुपये तथा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स व पूजन सामग्री का कारोबार करीब 2,400 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।



