ठाणे। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से अब अस्पतालों की स्टार रेटिंग की जाएगी। इसी दिशा में गुरुवार को ठाणे के जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में ठाणे विभागीय 'स्टार रेटिंग ऑफ हॉस्पिटल' कार्यशाला का आयोजन किया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक (आईएएस) की अध्यक्षता एवं उपनिदेशक डॉ. कैलास पवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिले की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
गुणवत्ता के मानकों और प्रबंधन पर दिया गया जोर
कार्यशाला में अस्पतालों की स्टार रेटिंग के लिए निर्धारित विभिन्न मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान पिछली मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं के कार्यों की सराहना की गई। अधिकारियों को अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारने, गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति और टीम-बिल्डिंग गतिविधियां
इस कार्यशाला में आयुक्त नागरी स्वास्थ्य सेवा (एनयूएचएम) डॉ. सुनील भोकरे, सहसंचालक डॉ. सुनीता गोल्हाईत, ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल सहित तीनों जिलों के जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से अधिकारियों को एक-दूसरे के अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला तथा विभिन्न समूहों ने ठोस कार्ययोजनाएं तैयार कीं।
टीमवर्क और बेहतर संवाद पर प्रधान सचिव का मार्गदर्शन
प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए टीमवर्क, बेहतर संवाद और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान का रास्ता बताया। वहीं जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने उपसंचालक डॉ. कैलास पवार के मार्गदर्शन में ठाणे जिले के सरकारी अस्पतालों के कार्यों की सराहना की और भविष्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन दंत शल्य चिकित्सक डॉ. अर्चना पवार ने किया।



