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    ‘कोई बचाओ’ की गुहार लगाती रही मां, बेटे ने ताऊ पर लगाया आग लगाने के लिए उकसाने का आरोप

    कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम जगतपुर में पारिवारिक कलह और अवैध संबंधों के संदेह के चलते एक दिल दहला देने वाली जघन्य वारदात सामने आई है, जहाँ एक महिला को जिंदा जलाकर मार डाला गया। मृतका के दस वर्षीय मासूम बेटे वेदांत ने इस पूरी खौफनाक घटना की दर्दनाक दास्तां बयां करते हुए बताया कि उसके पिता, ताऊ और चचेरे भाई ने मिलकर पहले उसकी मां के हाथ तारों से बांधे और फिर कमरे के अंदर बिस्तर पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से सहमे हुए बच्चे ने रोते-सिसकते हुए ग्रामीणों को बताया कि घटना की सुबह उसके ताऊ ने ही पैसे देकर पेट्रोल मंगवाया था और पिता को उसकी मां को रास्ते से हटाने के लिए उकसाया था, जिसके बाद इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया गया।

    पति-पत्नी के बीच विवाद और प्रेम प्रसंग की पृष्ठभूमि

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका सोनम और आरोपी पति सुखबीर सिंह उर्फ मोनू की शादी लगभग ग्यारह वर्ष पूर्व हुई थी, जिनकी मुलाकात हरियाणा के हिसार में निजी नौकरी के दौरान हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने के बाद उन्होंने प्रेम विवाह किया था, और उनके दो बच्चे वेदांत तथा वेदिका हैं। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक सुखबीर को अपनी पत्नी के अवैध संबंधों को लेकर गंभीर संदेह था, और कुछ दिन पूर्व ससुर द्वारा सोनम को किसी अन्य युवक के साथ देख लिए जाने के बाद से घर में विवाद और अधिक बढ़ गया था। दो दिन पूर्व ही मृतका के माता-पिता ने गांव आकर दोनों पक्षों के बीच पंचायत कर समझौता कराने का प्रयास भी किया था, किंतु सोनम ने अपने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह खूनी संघर्ष और अधिक भड़क उठा।

    वारदात की सुबह का खौफनाक घटनाक्रम

    घटना के दिन सुबह पति-पत्नी के बीच फिर से तीखा विवाद हुआ, जिसके दौरान सोनम ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है। इस बात से आहत और गुस्से में सुलग रहे पति सुखबीर ने सुबह के समय कथित तौर पर पेट्रोल मंगवाया और अपनी पत्नी को कमरे के बिस्तर पर ले जाकर उसे तारों से जकड़ दिया। इसके बाद कमरे में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई, जिससे चारों तरफ लपटें फैल गईं। मासूम बेटे वेदांत ने बताया कि उसकी मां जान बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रहीं, किंतु आसपास के लोग और परिवार के अन्य सदस्य मदद के लिए आगे नहीं आए। आग की भीषण लपटों और धुएं के बीच महिला की मौके पर ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पूरी गृहस्थी जलकर खाक हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक मिश्रा और स्थानीय कोतवाल कपिल दुबे सहित भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति सुखवीर घटना के बाद अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर खुद ही पुलिस चौकी पहुँच गया था, जहाँ से उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है तथा आरोपी पति और अन्य संलिप्त परिजनों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे मामले में शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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