मनीला। दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारत के साथ एक और बड़ा रक्षा समझौता करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत लगभग 800 मिलियन डॉलर (करीब 6,700 करोड़ रुपये) का सौदा प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से फिलीपींस भारत से लगभग 60 अतिरिक्त ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदने की योजना बना रहा है।
पहले समझौते की सफलता से बढ़ा भरोसा
यह नया कदम दोनों देशों के बीच पूर्व में हुए 375 मिलियन डॉलर के सफल रक्षा समझौते के बाद उठाया जा रहा है। उस सौदे के तहत भारत द्वारा मिसाइलों की समय पर आपूर्ति ने फिलीपींस का भरोसा मजबूत किया है, जिससे मनीला अब भारत को एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और रक्षा मंत्री गिलबर्टो तेओदोरो ने भारतीय अधिकारियों के समक्ष अपनी नौसेना की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए मिसाइल प्रणालियों को अपने द्वीप समूहों के अनुकूल तैयार करने का प्रस्ताव रखा है।
रणनीतिक महत्व और चीनी चुनौती
दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ जारी क्षेत्रीय विवाद और जहाजों के आमने-सामने आने की घटनाओं के बीच यह सौदा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2.8 मैक की गति वाली ब्रह्मोस मिसाइलों की तटीय क्षेत्रों में तैनाती से फिलीपींस की रक्षा और जवाबी क्षमता में काफी वृद्धि होगी।
भारत के रक्षा निर्यात को मजबूती
यह समझौता भारत के लिए भी बेहद अहम है, जिससे देश के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम और रक्षा निर्यात को नया बल मिलेगा। भारत का रक्षा निर्यात पहले ही बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें 62 प्रतिशत से अधिक की सालाना वृद्धि देखी गई है। वियतनाम, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई अन्य देश भी भारतीय रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखा रहे हैं। फिलहाल, इस 6,700 करोड़ रुपये की नई डील पर अंतिम औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।


