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    अलवर जिला स्काउट एण्ड गाइड फेलोशिप की साधारण सभा में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


    मानसरोवर धाम मंदिर में जलाभिषेक कर की गई मंगल कामना, भंडारे का आयोजन भी हुआ
    अलवर।अलवर जिला स्काउट एण्ड गाइड फेलोशिप परिवार की ओर से माच का तिराहा, गंगोड़ी मोड़ स्थित मानसरोवर धाम मंदिर में एक साधारण सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने की। कार्यक्रम में संरक्षक हरीश कालरा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे।

    इस विशेष अवसर पर जिलाध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने मंदिर परिसर में पंचमुखी महादेव जी के शिवलिंग पर विधिवत जलाभिषेक कर सभी के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। सभा से पूर्व वृंदावन से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरे विधि-विधान से रुद्राभिषेक सम्पन्न किया गया। तत्पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

    सावन में विशेष रूप से चुना गया मंदिर स्थल

    जिलाध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने बताया कि मानसरोवर धाम मंदिर को सभा स्थल के रूप में इसलिए चुना गया क्योंकि पूरे राजस्थान में पंचमुखी महादेव जी का यह एकमात्र अद्भुत शिवालय है, जिसे “अद्भुतेश्वर पंचमुखी महादेव” के नाम से जाना जाता है। सावन के पावन अवसर पर महादेव के आशीर्वाद से संस्था के आगामी कार्यों के लिए ऊर्जा और दिशा प्राप्त हो सके, इसी उद्देश्य से मंदिर परिसर में सभा का आयोजन किया गया।

    लिए गए प्रमुख निर्णय

    सभा के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें प्रमुख हैं:

    1. सदस्यता वृद्धि अभियान को गति देने का निर्णय।

    2. स्काउट एंड गाइड के 75वें स्थापना दिवस अधिवेशन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।

    3. जिला कलेक्टर से भेंट कर स्काउट एण्ड गाइड फेलोशिप के स्थायी कार्यालय हेतु नई जमीन आवंटन की मांग दोहराना।

      इस विषय में बताया गया कि पूर्व में पृथ्वीपुरा गांव में आवंटित जमीन पर अब तक फेलोशिप को कब्जा नहीं मिल सका है, जबकि सरकारी धनराशि पहले ही जमा करवाई जा चुकी है। अतः वैकल्पिक स्थान के लिए प्रयास किए जाएंगे।

    मंदिर का इतिहास और धार्मिक महत्त्व

    सभा के दौरान साधक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. मित्तल ने मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस मंदिर की स्थापना वर्ष 2011 में ब्रह्मलीन परम पूज्य भक्ति सम्राट श्री शिवानंद साधक जी महाराज के आशीर्वाद से की गई थी। अब उनके पुत्र पूज्य श्री शिवम् जी महाराज की देखरेख में मंदिर की धार्मिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

    मंदिर में 65 फीट ऊँचा भव्य गुंबद, पंचमुखी महादेव के समक्ष नंदी बाबा का मंदिर, विष्णु-लक्ष्मी, शिव-पार्वती, पंचमुखी हनुमान, दुर्गा माता, और पवनपुत्र हनुमान के मंदिर बने हुए हैं। मंदिर के मध्य में शिवानंद साधक जी महाराज की समाधि, चरण पादुका और प्रतिमा स्थापित है।

    धार्मिक उत्सवों में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

    हर वर्ष सावन महोत्सव, महाशिवरात्रि, शरद पूर्णिमा, खीर भोग, और महारुद्राभिषेक जैसे आयोजनों में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है। मंदिर परिसर में स्थित देशी गायों की गौशाला भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।

    सभा के समापन पर जिलाध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने सभी सदस्यों को एकजुट होकर संस्था के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संगठन की गरिमामय उपस्थिति और भक्तिमय वातावरण ने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और संगठनात्मक दिशा दोनों प्रदान की।

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