धर्मार्थ कोष के सौजन्य से शिक्षा सत्र की शुरुआत पर प्रेरणादायक सेवा कार्य
अलवर | शिक्षा सत्र 2025-26 के शुभारंभ पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मदनपुरी, अलवर के विद्यार्थियों को एक अनूठा उपहार मिला। धर्मार्थ कोष, बैंक ऑफ बड़ौदा परिवार, अलवर के सौजन्य से विद्यालय में अध्ययनरत 130 विद्यार्थियों को कुल 916 नोटबुक्स (कॉपी) भेंट की गईं। यह सेवा कार्य विद्यालय के छात्रों के लिए न केवल उपयोगी रहा, बल्कि समाज के प्रति सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी अनुपम उदाहरण बना।
धर्मार्थ कोष: सेवा की प्रेरणा
विनोदी लाल गुप्ता ने अपने वक्तव्य में बताया कि वर्ष 2006 में बैंक ऑफ बड़ौदा से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा एक सामाजिक पहल के रूप में “धर्मार्थ कोष, बैंक ऑफ बड़ौदा परिवार, अलवर” की शुरुआत की गई थी। यह कोष उनके स्वेच्छिक मासिक अंशदान से संचालित होता है, जो शुरू में पक्षियों को चुग्गा डालने जैसे छोटे सेवा कार्यों से आरंभ हुआ और अब शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण से जुड़े कई क्षेत्रों में सक्रिय योगदान दे रहा है।
विद्यार्थियों को नोटबुक्स वितरण
धर्मार्थ कोष के प्रतिनिधिमंडल में श्री वी.एल. गुप्ता, जे.पी. बैरवा, दिनेश गुप्ता, एन.के. वर्मा एवं पी.के. विजय उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को उनकी कक्षा के अनुसार नोटबुक्स भेंट कीं।
कक्षा 1 और 2 के छात्रों को हिंदी, गणित और अंग्रेजी की 3-3 नोटबुक्स
कक्षा 3 से 5 के छात्रों को हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन की 4-4 नोटबुक्स
कक्षा 6 से 8 के छात्रों को विषयानुसार 9-9 नोटबुक्स का सेट
यह वितरण न केवल बच्चों के चेहरे पर खुशी लाया, बल्कि अभिभावकों को भी आर्थिक राहत प्रदान करने वाला कदम रहा।
समारोह में रहा जनभागीदारी का उत्साह
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के साथ-साथ ग्राम विकास समिति मदनपुरी एवं नवयुवक मंडल की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में ग्राम विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती बबीता, कोषाध्यक्ष दौलतराम, सदस्य हजारीलाल बांबोलिया, शिवलाल सैनी, नवयुवक मंडल से रामसिंह व फूलचंद, एवं विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष महेश जाटव की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
प्रधानाध्यापिका श्रीमती शीला सैनी, एवं शिक्षकों में रामकिशन मीणा, योगेश सैनी, सुश्री ज्योति शर्मा, श्रीमती संगीता मीणा, श्रीमती जागृति यादव, श्रीमती कविता मीणा और श्रीमती खुश्बू चौधरी ने मिलकर अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया और बैंक ऑफ बड़ौदा परिवार के सेवा वीरों का इस नेक कार्य के लिए आभार प्रकट किया।
प्रेरणा का संदेश
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक एवं अलवर शारीरिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मक्खन सिंह गुर्जर ने बताया कि यह सेवा कार्य छात्रों को सकारात्मक सोच, सहयोग और समाज सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने धर्मार्थ कोष के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “संस्था के आत्मीय प्रयासों का फल” बताया। यह आयोजन केवल कॉपी वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सामाजिक चेतना का उत्सव था, जिसमें बैंक से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा निवृत्ति के बाद भी समाज सेवा कभी रिटायर नहीं होती।
धर्मार्थ कोष, बैंक ऑफ बड़ौदा परिवार, अलवर द्वारा की गई यह पहल अन्य संगठनों और समाजसेवियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।


