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    PLFS रिपोर्ट: शहरी बेरोजगारी बढ़कर 18.8% हुई, ग्रामीण महिलाओं का कृषि क्षेत्र में हिस्सा घटा

    व्यापार : शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर जून, 2025 में बढ़कर 18.8 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। मई में यह 17.9 फीसदी रही थी। ग्रामीण बेरोजगारी दर भी 13.7 फीसदी से बढ़कर 13.8 फीसदी पहुंच गई। हालांकि, इस अवधि में पूरे देश में बेरोजगारी दर 5.6 फीसदी पर स्थिर रही।

    सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के मासिक आवधिक श्रमबल सर्वे (पीएलएफएस) के आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं में बेरोजगारी दर पिछले महीने घटकर 5.6 फीसदी पर आ गई, जो मई में 5.8 फीसदी रही थी। इस दौरान कृषि क्षेत्र में ग्रामीण महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी मई के 70.2 फीसदी से घटकर 69.8 फीसदी रही।

    वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) में जुटाए गए नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बेरोजगारी दर मई की तुलना में घटी है। इसकी प्रमुख वजह खुद का काम करने वाले श्रमिकों की हिस्सेदारी में वृद्धि और बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या में कमी आना है। यह सर्वे देशभर के 89,493 परिवारों के 3,80,538 लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 49,335 और शहरी इलाकों के 40,158 परिवार शामिल हैं।

    15-29 साल के लोगों में भी बढ़ी बेरोजगारी

    सर्वे के मुताबिक, 15-29 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी दर मई के 15 फीसदी से बढ़कर 15.3 फीसदी पहुंच गई। वहीं, 15-29 आयु वर्ग की महिलाओं में भी यह दर बढ़कर 17.4 फीसदी पहुंच गई, जो मई में 16.3 फीसदी थी। इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं। इस आयु वर्ग के पुरुषों में बेरोजगारी दर 14.7 फीसदी रही, जो मई के 14.5 फीसदी की तुलना में अधिक है। सर्वे से पता चला है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में श्रमबल भागीदारी दर (एलएफपीआर) जून में घटकर 54.2 फीसदी रह गई। मई में यह 54.8 फीसदी रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.1 और शहरों में 50.4 फीसदी रही।

    अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती 9.7 फीसदी बढ़ी

    देश में काम के आधार पर निश्चित अवधि वाली यानी अस्थायी नौकरियों की संख्या बढ़ी है। इस श्रेणी में कर्मचारियों की संख्या पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 9.7 फीसदी बढ़ी है। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (आईएसएफ) की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर तनाव और व्यापार युद्ध के बीच सतर्क धारणा के बावजूद 2024-25 में उद्योग ने 1.39 लाख नए अस्थायी कर्मचारियों को जोड़ा। फेडरेशन के उपाध्यक्ष मनमीत सिंह ने कहा, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भर्ती करने वाले उद्योग ने 2024-25 की चौथी तिमाही में 2.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।

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