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    मोहन सरकार का डिजिटल धमाका: लाभार्थियों का डाटा डिजिटाइज होकर मिलेगा ई-वॉलेट में पैसा

    भोपाल।   लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सीएम कन्या विवाह, सीएम निकाह योजना, संबल योजना, दिव्यांग, बुजुर्ग और निराश्रित पेंशन योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान योजना सहित राज्य सकार की तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए अब सरकार सेट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) योजना लाने की तैयारी में है। इस योजना के लागू होने के बाद सरकारी योजनाओं के लाभ बैंक खातों में प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को अब बैंक खातों से राशि निकासी के लिए बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। UPI की तर्ज पर उसके ई-वॉलेट में यह राशि आएगी और वह अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने डिजिटली इससे कभी भी भुगतान कर सकेगा। विभिन्न योजनाओं के आधार लिंक मोबाइल और बैंक खातों का उपयोग कर उनके ई-वॉलेट तैयार कराएगी। योजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली शासकीय योजनाओं की राशि सीधे उनके बैंक खाते और आधार लिंक मोबाइल से बनाए गए ई-वॉलेट में जाएगी। ई-वॉलेट से हितग्राही विभिन्न जरुरतों के लिए राशि खर्च कर पाएगा।

    अभी तक ऐसे हो रहा था पेमेंट

    अभी तक मध्य प्रदेश सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में हितग्राही के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जाती है।हितग्राही कहां खर्च कर रहा है, पैसा इसकी ऑनलाइन निगरानी भी होगी। ब्लॉक चैनल तकनीक का इस्तेमाल भी इसमें किया जाएगा। आरबीआई के टोकन की तरह डिजिटल राशि जारी की जाएगी। ई-वॉलेट के जरिए जो भी हितग्राही राशि खर्च करेगा उसकी भी ऑनलाईन निगरानी की जा सकेगी।

    फर्जीवाड़ा भी रुकेगा, सरकार को नहीं होगा नुकसान

    हितग्राही किस मद में किस तरह से यह राशि खर्च कर रहा है। जिस काम के लिए उसे राशि दी गई है। वह उस पर खर्च हो रही है या कहीं और खर्च हो रही है। योजना में राशि का इस्तेमाल हो रहा है या नहीं यह भी ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। यदि राशि का गलत इस्तेमाल हो रहा होगा तो योजना का स्वरुप बदलने पर भी विचार किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि फर्जीवाड़ा रुके, सहीं हाथो में राशि पहुंचे और जिस मंशा से सरकार ने राशि दी है वह मंशा पूरी हो सके। राशि दूसरे व्यक्ति क्या है डिजिटल करंसी के खाते में चली जाती है और शिकायत, जांच पड़ताल के बाद वास्तविक हितग्राही को उसका लाभ मिलने में समय लगता है।

    दूसरे राज्यों में सफल रहा प्रयोग

    वहीं बैंक खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने के बाद हितग्राहियों को खर्च के लिए बैंकों में लाइनों में लगकर यह राशि निकालना होता है।उसके बाद ही वे इसका उपयोग कर पाते है। CBDC का मतलब है सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, जो कि केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की गई है. एक डिजिटल रूप में कानूनी मुद्रा है। यह मौजूदा कागजी मुद्रा के समान है, लेकिन डिजिटल रूप में और इसका उपयोग डिजिटल लेनदेन और भुगतान के लिए किया जा सकता है। हितग्राहियों को भुगतान के लिए ओडिशा और महाराष्ट्र राज्य सरकार इस योजना पर काम कर चुकी है. अब मध्यप्रदेश सरकार भी इस पर काम करने जा रही है।

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