नई दिल्ली | केरल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदल दी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने 140 में से 102 सीटों पर कब्जा जमाकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस बड़ी सफलता के बाद अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है और प्रदेश के दिग्गज नेता वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला शुक्रवार की रात दिल्ली आलाकमान से चर्चा करने पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री पद की दौड़: सतीशन सबसे आगे, वेणुगोपाल और चेन्निथला भी रेस में
फिलहाल मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए वीडी सतीशन का पलड़ा सबसे भारी नजर आ रहा है। विपक्ष के नेता के तौर पर उनके आक्रामक तेवरों और चुनावी रणनीति की काफी सराहना हुई है। हालांकि, मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है क्योंकि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के नाम भी चर्चाओं में हैं। तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर वेणुगोपाल के समर्थन में पोस्टर देखे गए हैं, वहीं सतीशन के समर्थकों ने उनके पक्ष में शक्ति प्रदर्शन करते हुए शहीद स्मारक से मार्च निकालकर अपनी मांग बुलंद की है।
हाईकमान के हाथ में अंतिम फैसला: विधायक दल की बैठक संपन्न
केरल में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी है। हाल ही में हुई नवनिर्वाचित विधायकों (CLP) की बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के अनुसार, सभी विधायकों ने एक सुर में यह निर्णय लिया है कि विधायक दल के नेता का अंतिम चयन कांग्रेस हाईकमान द्वारा किया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेतृत्व अब गुटबाजी को दरकिनार कर किसी एक नाम पर अंतिम फैसला लेंगे, जिसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।


