खैरथल-तिजारा। जिले में जनसमस्या समाधान की दिशा में प्रशासनिक पहल के तहत शुक्रवार को ग्राम पंचायत पेहल (पंचायत समिति मुंडावर) में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने की, जबकि संचालन और निगरानी अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट द्वारा की गई।
इस अवसर पर आमजन की ओर से विभिन्न विषयों पर कुल 23 परिवाद प्रस्तुत किए गए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को सात दिवस के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। यदि कोई मामला किसी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो तो उसे तत्काल उच्चाधिकारियों से समन्वय कर हल किया जाए।
चौपाल में प्रमुखता से जिन समस्याओं को उठाया गया उनमें शामिल थे —
गांव की सड़कों का डामरीकरण
विद्यालय में रिक्त व्याख्याता पदों की पूर्ति
मंदिर मार्ग का निर्माण
विरासत संबंधी नामांतरण
ग्राम सेवा सहकारी समिति में गबन की जांच
बिजली एवं पानी आपूर्ति की अनियमितताएं
थाना पुलिस से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम रास्तों पर अतिक्रमण, भूमि पैमाइश विवाद एवं आवासीय क्षेत्रों के विवादों को लेकर पुलिस की सहायता से त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में परिवादी से व्यक्तिगत संपर्क बनाकर एवरेज डिस्पोजल टाइम में सुधार लाना जरूरी है।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी ग्रामवासियों को दी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। इनमें शामिल थीं:
वृद्धजन पेंशन योजना
मुख्यमंत्री पालनहार योजना
आपकी बेटी योजना
लाड़ो योजना
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
अटल पेंशन योजना
जीवन ज्योति बीमा योजना
पीएम सूर्यघर योजना
पीएम विश्वकर्मा योजना
जल जीवन मिशन
सशक्त खैरथल-तिजारा कार्यक्रम
कृषि विभाग की योजनाएं जैसे तारबंदी योजना, फार्म पॉन्ड योजना, प्याज भंडारण योजना, वर्मी कंपोस्ट इकाई, मिट्टी परीक्षण, किसान उपकरण पर अनुदान योजना आदि के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई।
चौपाल में उपखंड अधिकारी रेखा यादव, विकास अधिकारी संजय यादव, नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सरपंच, ग्रामवासी, और जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना एवं स्थानीय स्तर पर समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित करना था, जिसे लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की।