जालंधर। जालंधर सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि घटना के कारण मेरा दिल भारी है, जहां ऑक्सीजन आपूर्ति में खराबी के कारण निर्दोष लोगों की जान चली गई। मैं मौके पर पहुंचा और अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इस तरह की दर्दनाक क्षति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त और बिना किसी समझौते के कार्रवाई की जाएगी। हम इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं।
जालंधर के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती तीन मरीजों की मौत अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खराबी के बाद हो गई थी। मरने वाले मरीजों के परिवार वालों का कहना था कि उनके परिवारिक सदस्यों को ऑक्सीजन मिलनी बंद हो गई, जिसके चलते उनकी मौत हुई है।
ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर विनय ने खुद कहा कि ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आई थी लेकिन उन्होंने अस्पताल प्रशासन का बचाव करते हुए कहा कि उक्त फॉल्ट को ठीक कर लिया गया था, यह मौतें उसके बाद हुई हैं। डॉक्टर विनय ने कहा कि मौतों और फॉल्ट के बीच संबंध की गहराई से जांच की जाएगी ताकि सच सामने आ सके।


