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    उत्साह और श्रद्धा से लबरेज: छत्तीसगढ़ में बोलबम की गूंज, स्टेशन पर पहुंचे हजारों कांवड़िए

    रायगढ़/  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में श्रावण सोमवार को लेकर रविवार को रेलवे स्टेशन में बड़ी संख्या में कांवड़ियों का जत्था पहुंचा था, जो ट्रेने आते ही चढ़ने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई थी। हालांकि आरपीएफ व जीआरपी के जवानों द्वारा काफी मशक्त के बाद भीड़ को काबू करते हुए ट्रेन में चढ़ाया गया।

    लेकिन दो ट्रेन निकल जाने के बाद भी सभी लोग नहीं चढ़ पाए थे, जिससे दोपहर बाद उत्कल एक्सप्रेस आने के बाद कांवड़ियो का जत्था रवाना हो सका। इस दौरान रिजर्वेशन टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बोलबम के जयकारे से गूंजा स्टेशन

    श्रावण माह की शुरूआत से ही हर दिन कांवड़ियों का जत्था रवाना हो रहा है, लेकिन माह के हर रविवार को घोघड़ धाम जाने वाले की काफी भीड़ होती है। ऐसे में 28 जुलाई रविवार को भी सुबह से ही रेलवे स्टेशन में ग्रामीण क्षेत्र सहित शहर के दर्जनों की संख्या में कांवड़ियों का जत्था पहुंचा था, जिससे बोलबम के नारे से पूरा रेलवे स्टेशन गूंज उठा था, इस दौरान कोई कांवड लेकर तो कोई भोलेनाथ का शिवलिग लेकर पहुंच गया था, इस दौरान कांवड़ियों का कहना था कि अब श्रावण माह के कुछ ही दिन बचे हैं।

    साथ ही यह तीसरा सोमवार है, जिसको लेकर शिव भक्तों में काफी उत्साह है, इसी के चलते इस बार बड़ी संख्या में लोग घोघड़ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। हालांकि जलाभिषेेक का दौर अगले 9 अगस्त तक चलेगा, लेकिन सोमवार को खास दिन माना जाता है, जिसके चलते हर शिव भक्त की कामना होती है कि सोमवार को भेलेनाथ को जलाभिषेक करे, इसी मान्यता को लेकर रविवार को स्टेशन में भीड़-भाड़ का माहौल रहा है।

    ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं

    रविवार को दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही साउथ बिहार एक्सप्रेस स्टेशन पहुंची तो चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गया था, इस दौरान जनरल से लेकर स्लीपर कोच तक कांवड़ियों का जत्था ठसा-ठस भर गया, लेकिन उसके बाद भी आधे से ज्यादा कांवड़िए नहीं चढ़ पाए, ऐसे में करीब आधा घंटा बाद टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस पहुंची।

    जिसमें चढ़ने के लिए कुछ कांवड़िए पटरी पर उतर गए, तो कुछ प्लेटफार्म में कतारबद्ध हो गए थे, लेकिन इनकी संख्या इतनी अधिक थी कि यह ट्रेन भी पूरी तरह से पैक हो गया, इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में लोग बचे हुए थे, करीब ढाई बजे उत्कल एक्सप्रेस आने के बाद सभी उसमें सवार होकर घोघड़ धाम के लिए रवाना हो सके।

    आम यात्री हुए परेशान

    उक्त ट्रेनों में इन दिनों रिजर्वेशन कराकर जाने वालों की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि रविवार को ऐसी स्थिति निर्मित हो गई थी, कि जो यात्री अपना रिजर्वेशन कराए थे, उन्हीं को उनके सीट पर बैठने की जगह नहीं मिल रही थी, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, इस दौरान यात्रियोें का कहना था कि ज्यातर कांवड़िएं शराब केे नशे में थे, जिसके चलते जगह-जगह विवाद की भी स्थिति निर्मित हो रही थी, ऐसे में रविवार का सफर अन्य यात्रियों के लिए मुसीबत भरा रहा।

    आज करेंगे जलाभिषेक

    शहर के धांगरडीपा से पहुंचा एक कांवड़ियों का जत्था ने बताया कि ये सभी शिवभक्त घोघड़ धाम के लिए रवाना हुए हैं, जो रविवार शाम को जल उठाकर सोमवार को सुबह घोघड़ धाम में जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर ओड़िशा की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनों में काफी भीड़ देखने को मिली।

    हालांकि अभी यही स्थिति पूरे श्रावण माह भर रहेगा। साथ ही कांवड़ियो ने बताया कि सोमवार को घोघड़ धाम में जलाभिषेक करने के बाद फिर से साउथ बिहार, उत्कल व टाटानगर इतवारी से वापस लौटेंगे, जिससे फिर से यात्री को परेशान होना पडे़गा।

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