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    भजनलाल सरकार की पहली सियासी नियुक्ति, अरुण चतुर्वेदी बने वित्त आयोग अध्यक्ष

    जयपुर: नई सरकार में नए वित्त आयोग का गठन कर दिया गया है। इस आयोग में अध्यक्ष और सदस्य पद की नियुक्ति की गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी को वित्त आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए अध्यक्ष बनाया गया है। अरुण चतुर्वेदी छात्र जीवन से ही संघ से जुड़े हैं। वे लगातार संघ के कार्यक्रमों में व्यस्त रहे हैं। संघ में सक्रियता की वजह से ही उन्हें राजनीति की मुख्यधारा में सीधी एंट्री मिली। संगठन में अहम पदों पर जिम्मेदारी भी दी गई और अब एक और अहम जिम्मा दिया गया है।

    अरुण चतुर्वेदी संगठन में प्रदेश मंत्री से लेकर प्रदेशाध्यक्ष भी रहे

    अरुण चतुर्वेदी को पहले भाजपा युवा मोर्चा में अहम जिम्मेदारी दी गई। बाद में उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल करते हुए प्रदेश मंत्री बनाया गया। इसके बाद प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। जुलाई 2009 से फरवरी 2013 के वे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे। लगातार 4 साल तक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहने के दौरान ही राजस्थान विधानसभा के चुनाव हुए। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें जयपुर की सिविल लाइंस सीट से टिकट दिया गया। पहली ही बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

    वसुंधरा राजे के कार्यकाल में रहे मंत्री 

    वर्ष 2013 से 2018 तक वसुंधरा राजे दूसरी बार प्रदेश की मुख्यमंत्री रही। उनके दूसरे कार्यकाल में अरुण चतुर्वेदी पहली बार विधायक बने और पहली बार के विधायक होने के बावजूद वसुंधरा राजे ने चतुर्वेदी को मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री का कैबिनेट प्रभार दिया गया। चतुर्वेदी के कामकाज से सरकार और पार्टी दोनों संतुष्ट हुए। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी चतुर्वेदी चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    शहर और निकाय तक मोदी जी के सपने साकार करेंगे

    वित्त आयोग के अध्यक्ष बनने के बाद अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह पद बड़ी जिम्मेदारी वाला होता है। प्रदेश की सभी नगर निकाय और पंचायती राज का आकलन किया जाता है, उनके फाइनेंशियल रिसोर्सेज का आकलन किया जाता है। साथ ही वित्त आयोग ही सभी टैक्स (कर) का सुनियोजित ढंग से डिवीजन डिस्ट्रीब्यूशन करने की रिपोर्ट तैयार करता है। राजस्थान में टैक्स वसूलने का पूरा ढांचा ही वित्त आयोग तय करता है। वित्त आयोग की सलाह पर ही सरकार एक्शन लेती है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी की सही समय पर सही रिपोर्ट पेश हो ताकी स्थानीय निकाय और पंचायती रा आत्मनिर्भर बन सके।

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