More
    Homeखेलओवल टेस्ट जीतना अब चुनौती से कम नहीं, टीम इंडिया के सामने...

    ओवल टेस्ट जीतना अब चुनौती से कम नहीं, टीम इंडिया के सामने मुश्किलों का पहाड़

    नई दिल्ली : भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पिछले 4 मैचों की तरह ओवल पर भी मुकाबला अपने आखिरी में पहुंच गया है. चौथे दिन के खेल के लास्ट सेशन में करीब डेढ़ घंटे का खेल बारिश और खराब रोशनी के चलते नहीं हो सका. जब मैच रुका तब भारतीय टीम जीत से 4 विकेट और इंग्लैंड 35 रन दूर खड़ी थी. अब आप पूछेंगे कि ये तो ओवल टेस्ट का हाल हुआ. इसमें टीम इंडिया के लिए मुसीबत जैसी क्या चीज? तो टीम इंडिया की मुसीबत कुछ और नहीं बल्कि ओवल पर खेला जा रहा 5वां टेस्ट ही है. सीरीज का ये 5वां टेस्ट ही टीम इंडिया के गले की हड्डी बन गया है.

    कभी नहीं जीते सीरीज का 5वां टेस्ट

    टीम इंडिया ने 93 सालों के अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में जितने भी विदेशी दौरे किए और उस पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली, उनमें कभी भी 5वां टेस्ट नहीं जीता. ओवल पर खेला जा रहा मैच भी, मौजूदा भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का, 5वां ही है. तो क्या इतिहास बदलेगी या फिर पुराने इतिहास में ही सिमटकर रह जाएगी टीम इंडिया?

    भारत जीते या इंग्लैंड… इतिहास तो बनना तय

    वैसे, .ये भी साफ है कि ओवल टेस्ट में भारत या इंग्लैंड में से जो भी जीतेगा, वो इतिहास ही बनाएगा. फिर चाहे वो 374 रन के टारगेट का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम हो, या उसे डिफेंड कर रही भारतीय टीम. ओवल के 123 सालों में इतिहास में कभी भी 374 रन जितना बड़ा टारगेट चेज नहीं हुआ. मतलब, इंग्लैंड की टीम टारगेट को चेज कर भारत को हराती है तो एक ओवल के मैदान पर एक नया इतिहास लिखेगी. वहीं, अगर टीम इंडिया 374 रन के टारगेट को डिफेंड कर लेती है तो फिर वो अपने विदेशी जमीन पर सीरीज के 5वें टेस्ट को ना जीत पाने के इतिहास को बदल देगी.

    भारत-इंग्लैंड को जीत के लिए क्या करना है?

    ओवल टेस्ट, जो कि अपने 5वें दिन के खेल में पहुंच चुका है, उसमें भारत और इंग्लैंड को अपनी-अपनी जीत की ऐतिहासिक स्क्रिप्ट लिखने के लिए करना क्या है? इंग्लैंड को जीत के लिए 5वें दिन 35 रन और बनाने हैं. वहीं टीम इंडिया को उसके बाकी बचे 4 विकेट चटकाने हैं.

    एक घंटा जोर, फिर साथ में आराम, 5वें दिन आएगा काम

    भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने ओवल टेस्ट के चौथे दिन के खेल में एक नारा दिया था- ‘एक घंटा और जोर लगाएंगे, उसके बाद साथ मिलकर आराम करेंगे’. चौथे दिन के खेल में तो ये नारा परवान नहीं चढ़ सका. लेकिन, अगर 5वें दिन के खेल के शुरुआती एक घंटे में टीम इंडिया ने जोर लगाया, तो ना सिर्फ कप्तान गिल की साथ में आराम की तमन्ना पूरी हो सकती है, बल्कि उससे इतिहास भी बनेगा और इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज में हिसाब भी बराबर होगा.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here