More
    Homeराज्यराजस्थानअब मारवाड़ के किसान सीखेंगे प्राकृतिक खेती के नये तौर तरीके

    अब मारवाड़ के किसान सीखेंगे प्राकृतिक खेती के नये तौर तरीके

    ICAR ने जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के मॉडल को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत मंजूरी दी। मारवाड़ के किसानों के लिए बनेंगे चार मॉडल फार्म, सीखेंगे प्राकृतिक खेती के लाभ।

    मिशनसच न्यूज, जोधपुर।
    राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के मॉडल को “राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ)” के अंतर्गत स्वीकृति मिली है। यह स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रसायन मुक्त, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

    प्राकृतिक खेती की दिशा में ऐतिहासिक कदम

    कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर अब प्राकृतिक खेती के तहत “मॉडल फार्म” स्थापित करेगा, जिससे मारवाड़ के किसान न केवल प्राकृतिक खेती के तौर-तरीकों को सीख सकेंगे, बल्कि रसायनिक खेती से हो रही स्वास्थ्य समस्याओं और मिट्टी की क्षरण जैसी चुनौतियों का भी समाधान मिलेगा।

    कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने कहा: “प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल ऐतिहासिक है। विश्वविद्यालय के मॉडल को आईसीएआर द्वारा स्वीकृति मिलना किसानों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।”

    चार मॉडल फार्म बनाए जाएंगे

    इस योजना के कार्डिनेटर और निदेशक, प्रसार शिक्षा डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि:

    • एक प्रदर्शन इकाई (Model Farm) कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बनाई जाएगी।

    • तीन प्रदर्शन इकाइयाँ विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में पहले से प्राकृतिक खेती कर रहे किसानों के खेतों में स्थापित की जाएंगी।

    इन फार्म्स में दलहनी, फलदार और अनाज वाली फसलें उगाई जाएंगी। इसका उद्देश्य किसानों को प्रशिक्षण देना और प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक स्वरूप को दिखाना है।

    क्या है राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF)?

    राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय संचालित कर रहा है। इसका उद्देश्य देशभर में किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करना और रसायनमुक्त कृषि प्रणाली को अपनाना है।

    प्राकृतिक खेती के प्रमुख लाभ

    डॉ. पगारिया के अनुसार, इस मिशन से किसानों को निम्नलिखित लाभ होंगे:

    रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्ति
    मानव स्वास्थ्य में सुधार
    मिट्टी की उर्वरता और संरचना में सुधार
    कृषि में लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा
    पर्यावरण संरक्षण और सतत खेती को बढ़ावा

    उन्होंने यह भी कहा कि यह मिशन भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और टिकाऊ धरती की नींव रखेगा।

    कुलपति का संदेश – किसानों के लिए नई दिशा

    कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने इस मिशन को “एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल” बताया। उन्होंने कहा: “यह योजना सतत और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर है। इससे मारवाड़ के किसान कम लागत, कम जोखिम और अच्छी उपज की ओर अग्रसर होंगे।”

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here