जयपुर में हुई RESCA की दूसरी बैठक में चिड़ियाघरों, जीविक उद्यानों और बायोलॉजिकल पार्कों को बेहतर बनाने के अहम निर्णय लिए गए। CASS योजना लागू करने और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर।
मिशनसच न्यूज, जयपुर।
राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्थान एक्स–सीटू कंजरवेशन अथॉरिटी (RESCA) की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य के चिड़ियाघरों, जीविक उद्यानों और अन्य वन्यजीव स्थलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई तथा कई अहम निर्णय लिए गए।
2022 में हुई थी RESCA की स्थापना
बैठक में जानकारी दी गई कि RESCA का गठन वर्ष 2022 में किया गया था। यह संस्था राजस्थान सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1958 के तहत स्थापित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आवासों के बाहर वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देना है। RESCA राज्य में चिड़ियाघरों, जीविक उद्यानों, कृत्रिम प्रजनन केंद्रों तथा बचाव केंद्रों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण कार्यों का संचालन करती है।
बायोलॉजिकल पार्क और पर्यटन को लेकर चर्चा
बैठक में बताया गया कि राज्य में बायोलॉजिकल पार्क संचालित किए जा रहे हैं और एक का निर्माण कार्य भी जारी है। इन पार्कों से प्राप्त आय, पर्यटकों की संख्या और उनकी भौगोलिक स्थिति की समीक्षा की गई।
मंत्री ने दिए निर्देश
वन मंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि राज्य के चिड़ियाघरों और जीविक उद्यानों का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाए। इसके लिए विज्ञापनों और प्रचार सामग्री का सहारा लिया जाएगा। साथ ही, इनसे होने वाली आय का उपयोग जीविक उद्यानों के सुधार में किया जाएगा।
CASS योजना को लेकर फैसला
बैठक में Captive Animal Sponsorship Scheme (CASS) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत योजना का प्रचार विभागीय वेबसाइट, समाचार पत्रों और जिला स्तरीय पर्यावरण समितियों के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक चिड़ियाघर और जीविक उद्यान में इस योजना की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, निर्धारित दरों से अतिरिक्त पशुप्रेमियों और संस्थाओं से स्वैच्छिक दान प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया।
पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं
बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य में स्थित वन्यजीव स्थलों पर पर्यटकों और स्टाफ के लिए शौचालयों की जीर्णोद्धार/रखरखाव व्यवस्था को उच्च श्रेणी का किया जाएगा।


