प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली विशेष पूजा-अर्चना के लिए करणी माता मंदिर पहुंचे और माता से देश-प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की
मिशन सच न्यूज़, अलवर। अलवर जिले की अरावली की श्रृंखलाओं और सरिस्का की हरी-भरी वादियों में स्थित करणी माता मंदिर में नवरात्रि पर भक्तों का तांता लग रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली विशेष पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे और माता से देश-प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।
आस्था का केंद्र है करणी माता मंदिर
टीकाराम जूली ने मंदिर परिसर में दर्शन करने के बाद कहा कि करणी माता का यह प्राचीन मंदिर न केवल अलवर बल्कि राजस्थान व आस-पास के राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दिनों में यहां भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखते ही बनता है। मंदिर परिसर में सुबह-शाम आरती के समय घंटों और शंखनाद की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु माता रानी के चरणों में चुनरी, नारियल, मिष्ठान और दीपक अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी करने वाला मंदिर
जूली ने कहा कि करणी माता मंदिर के पास स्थित जंगलों में श्रद्धालु मन्नतें मांगते हुए धागा और चुनरी बांधते हैं। जब उनकी मुराद पूरी हो जाती है तो वे पुनः मंदिर में आकर उस धागे या चुनरी को खोलते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आकर मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
आस्था के साथ यातायात नियमों का संदेश
नेता प्रतिपक्ष जूली अपने समर्थकों के साथ बाइक से करणी माता मंदिर पहुंचे। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने हेलमेट पहनकर यात्रा की और यातायात नियमों की पालना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “माता का आशीर्वाद लेने के साथ ही हमें अपने कर्तव्यों और नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क सुरक्षा जीवन की सुरक्षा है।”
नवरात्रि पर गूंजे माता के जयकारे
नवरात्रि पर्व पर करणी माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी है। ढोल-नगाड़ों और भजनों की धुन पर भक्त नाच-गाकर माता के जयकारे लगा रहे हैं। जूली ने कहा कि “नवरात्रि पर मां दुर्गा की उपासना से शक्ति, साहस और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। करणी माता के आशीर्वाद से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे।”
पर्यटन और धार्मिक महत्व
करीब 700 साल पुराने इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है। सरिस्का की वादियों के बीच बसे इस मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्त प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हुए पहुंचते हैं। अरावली की गोद में बसे इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। अलवर में धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से करणी माता मंदिर प्रमुख स्थान रखता है। सरिस्का टाइगर रिजर्व के नजदीक स्थित होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां दर्शन करने अवश्य पहुंचते हैं।
नेता प्रतिपक्ष का संदेश
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत में टीकाराम जूली ने कहा नवरात्रि के पावन अवसर पर मैंने करणी माता से प्रार्थना की है कि प्रदेश में हर व्यक्ति का जीवन सुख-समृद्ध हो। समाज में भाईचारा, शांति और प्रगति बनी रहे। यह मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है और यहां आकर मन को अपार शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि वे नवरात्रि जैसे अवसरों पर आमजन की भक्ति और आस्था में शामिल होकर प्रदेश की परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।


