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    डंपर हादसे में मुआवजे पर सवाल, पूर्व CM गहलोत बोले- सरकार हो गई है संवेदनहीन

    जयपुर: तीन दिन पहले सोमवार 3 नवंबर को जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे में शराब के नशे में धुत ड्राइवर डंपर ऐसे दौड़ाया कि जो सामने आया उसे कुचलता गया। डंपर ने करीब 17 वाहनों को टक्कर मारी और कई दुपहिया वाहन चालकों को कुचल दिया। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और सात घायल सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत घायलों से मिलने लिए एसएमएस अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मुआवजे का ऐलान नहीं करने पर चिंता जताई।

    पूर्ववर्ती सरकार ने बनाया था मुआवजे का प्रावधान
    सवाई मानसिंह अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हरमाड़ा में हुए सड़क हादसे के मृतकों के परिजनों और घायलों को सरकार ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया है, जबकि यह काम तो तुरंत हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ऐसे हादसे के शिकार परिवारों को 5 लाख रुपए दिए जाने की योजना बनाई थी। यह भी प्रावधान किया गया था कि अगर एक परिवार के दो सदस्यों की मौत हो जाती है तो उस परिवार को 10 लाख रुपए की सहायता मिले। मौजूदा सरकार को भी उस योजना के अंतर्गत प्रत्येक मृतक के परिजनों को तुरंत 5 लाख रुपए देने चाहिए। जो मृतक बाहरी राज्यों के होते हैं, उनके लिए अलग से पैकेज दिया जाना चाहिए।

    धरना देने के बाद मुआवजा देती है सरकार
    पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। हादसे के शिकार परिवारों को मुआवजे के लिए धरना देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जैसलमेर और फलोदी में दो बड़े हादसे हुए। मृतकों और घायलों के परिजनों को मुर्दाघरों के बाहर धरना देना पड़ा। उसके बाद राज्य सरकार ने मुआवजे की घोषणा की थी। जयपुर के हरमाड़ा में हुए हादसे को तीन दिन बीत गए। अभी तक मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा नहीं की गई। यह परंपरा ठीक नहीं है।

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