वंदे मातरम् की उत्पत्ति,अर्थ और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला
मिशनसच न्यूज, वजीरपुर (गंगापुर सिटी)। राजकीय कन्या महाविद्यालय वजीरपुर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में शुक्रवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गायन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को दिए गए संबोधन को भी एक साथ देखा और सुना। तत्पश्चात व्याख्यान माला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नोडल अधिकारी प्रो. रमेश बैरवा ने की। मुख्य वक्ता के रूप में संस्कृत प्रवक्ता डॉ. भूरसिंह गुर्जर ने बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास ‘आनंद मठ’ से उद्धृत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की उत्पत्ति, अर्थ और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है जिसने असंख्य देशभक्तों को प्रेरणा दी।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संपूर्णानंद गौतम ने किया, जबकि छायांकन का कार्य छात्रा तनु कुमारी ने किया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति गीतों और भाषणों के माध्यम से वंदे मातरम् के अमर संदेश को दोहराया। महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति का उल्लासमय माहौल देखने को मिला।
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