More
    Homeराजनीतिबिहार: महागठबंधन को अब भी उम्मीद.. विधायकों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट...

    बिहार: महागठबंधन को अब भी उम्मीद.. विधायकों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने की तैयारी

    नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में तमाम एग्जिट पोल (All Exit Polls) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) की अगुआई में एनडीए की भारी जीत बता रहे हैं, वहीं महागठबंधन (Grand Alliance) को अभी भी खुद पर भरोसा है। ऐसे में महागठबंधन (Grand Alliance) ने नतीजों के फौरन बाद अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत महागठबंधन के विधायकों को जीत के फौरन बाद दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया जा सकता है।
     कांग्रेस यह कहती रही है कि बिहार में मुकाबला दो महागठबंधनों के बीच है। ऐसे में किसी तीसरी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है। चुनाव में अधिक मतदान को दोनों गठबंधन अपने पक्ष में मान रहे हैं। ऐसे में महागठबंधन को भरोसा है कि चुनावी मुकाबला बहुत करीबी भी हो सकता है। इसलिए, नतीजों के बाद हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए महागठबंधन अपने विधायक शिफ्ट कर सकता है।

    छोटी पार्टियों को लेकर चिंता
    सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने सभी विधायकों को जीत के फौरन बाद पटना बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। हॉर्स ट्रेडिंग की स्थिति में सबसे ज्यादा खतरा छोटी पार्टियों से रहता है। ऐसे में वीआईपी और राजद के विधायकों को पश्चिम बंगाल शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस भी अपने विधायकों को जीत के फौरन पटना बुला सकती है। उन्हें तेलंगाना या कर्नाटक भेजा जा सकता है।

    हार-जीत का अंतर बहुत कम होने की उम्मीद
    प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी संभावना कम है कि बंपर वोटिंग के बावजूद किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिले। पर जमीन पर जिस तरह दोनों गठबंधनों के बीच करीबी मुकाबला दिखाई पड़ा है, उससे साफ है कि हार-जीत का अंतर बहुत कम होगा। वहीं, जन सुराज पार्टी की भूमिका भी अहम होगी। प्रशांत किशोर की अगुआई वाली जन सुराज पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here