More
    Homeराजस्थानखैरथल100 दिन पूरे—खैरथल जिला मुख्यालय संघर्ष समिति ने किया सद्बुद्धि यज्ञ व...

    100 दिन पूरे—खैरथल जिला मुख्यालय संघर्ष समिति ने किया सद्बुद्धि यज्ञ व अन्नकूट का आयोजन

    “गूंगी–बहरी सरकार को जगाने” तथा जिला मुख्यालय को खैरथल में ही रखने की मांग हुई प्रबल

    खैरथल।खैरथल को जिला मुख्यालय बनाए रखने की मांग को लेकर पिछले सौ दिनों से जारी खैरथल जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के आंदोलन ने शनिवार को अपना सौवां दिन पूरा किया। इस मौके पर समिति द्वारा सद्बुद्धि यज्ञ, अन्नकूट प्रसादी और सामूहिक संकल्प सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

    सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से सरकार को कठोर संदेश

    आंदोलनकारियों ने कहा कि यह यज्ञ “गूंगी और बहरी सरकार को सद्बुद्धि आने” और खैरथल की जनता की आवाज सुनने के लिए प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।
    उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय का स्थान बदलने का प्रयास जनता के साथ अन्याय है और जनता इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

    यज्ञ के बाद अन्नकूट प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने खैरथल जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

    कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं की उपस्थिति रही महत्वपूर्ण

    कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—

    • विधायक दीपचंद खैरिया

    • नेता प्रतिपक्ष विक्रम सिंह चौधरी

    • गिरीश डाटा

    • सर्वेश गुप्ता

    • शिवचरण गुप्ता

    • ओमप्रकाश रोघा

    • वीरसिंह ढिल्लन

    • कृष्ण चौधरी

    • महेन्द्र जोगिड़

    • दीपक चौधरी

    • रामचंद्र कामरेड

    • मनोज बुराहड़िया

    • प्रमोद ठेकेदार

    • मांगेराम चौधरी

    • योगेश गुर्जर

    • निक्की प्रजापत

    • दौलतराम (पार्षद)

    इसके अलावा संघर्ष समिति के पदाधिकारी, अलग-अलग गांवों से आए प्रतिनिधि तथा आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

    आंदोलन 100 दिन बाद भी मजबूत—संघर्ष जारी रखने का संकल्प

    संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और जनसहभागिता पर आधारित है।
    उन्होंने स्पष्ट किया कि—

    “जब तक खैरथल को जिला मुख्यालय घोषित कर स्थायी रूप से स्थापित नहीं किया जाता, आंदोलन इसी अनुशासन के साथ जारी रहेगा।”

    नेताओं ने जनता से आह्वान किया कि वे एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई को जारी रखें।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here