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    डायबिटीज फ्री अलवर मिशन की  शुरुआत

    अलवर सांसद खेल उत्सव में 1,873 लोगों की निःशुल्क शुगर जाँच, कुल 2,776 लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग

    अलवर। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी अलवर और आर.ई.सी. लिमिटेड गुरुग्राम के बीच हुए एमओयू के तहत संचालित पाँच मेडिकल मोबाइल यूनिट्स ने अलवर सांसद खेल उत्सव–2025 के दौरान उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कीं। कार्यक्रम के फाइनल मैचों के दौरान केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव एवं राज्य सरकार के मंत्री संजय शर्मा ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में नीले गुब्बारे उड़ाकर “डायबिटीज फ्री अलवर मिशन” की भव्य शुरुआत की।

    विश्व मधुमेह दिवस से शुरू हुआ विशेष अभियान

    इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी अलवर के सचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि संस्था की अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के मार्गदर्शन और चेयरमैन डॉ. एस. सी. मित्तल के निर्देशानुसार यह मिशन 14 नवंबर 2025 (विश्व मधुमेह दिवस) से प्रारंभ किया गया।

    • 14 नवंबर को 903 लोगों की निःशुल्क मधुमेह जाँच

    • अलवर सांसद खेल उत्सव में 1,873 लोगों की शुगर जाँच

    • दो दिनों में कुल 2,776 लोगों की निःशुल्क जांच

    • इनमें से 469 लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए

    • करीब 37 लोग ऐसे, जिन्हें पहली बार पता चला कि उन्हें मधुमेह है

    डॉ. रूप सिंह ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि तेज़ी से बढ़ती जीवनशैली जनित बीमारियों पर रोकथाम नहीं हुई तो स्थिति बेहद चिंताजनक हो सकती है।

    खेल उत्सव में त्वरित चिकित्सा सेवाएँ—1887 बच्चों को लाभ

    चेयरमैन डॉ. एस. सी. मित्तल ने बताया कि मेडिकल मोबाइल यूनिट्स ने
    29, 30, 31 अक्टूबर और 14–15 नवंबर को अलवर, राजगढ़, रामगढ़, भिवाड़ी और बहरोड़ में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में बेहतरीन चिकित्सा सेवाएँ दीं।

    • खो-खो प्रतियोगिता में अस्थमा अटैक आने पर एक बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट व तुरंत अस्पताल रेफ़र किया गया, इलाज के बाद छुट्टी मिली।

    • कबड्डी मैच में एक बच्चे की उंगली फ्रैक्चर, प्राथमिक उपचार के बाद प्लास्टर करवाया गया।

    • बॉक्सिंग प्रतियोगिता में एक प्रतिभागी की कनपटी पर जोरदार पंच, उल्टियाँ होने पर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। सीटी स्कैन सामान्य आने पर घर भेजा गया।

    इसके अलावा पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, मस्कुलर पेन, स्पाज्म, ब्लड प्रेशर आदि समस्याओं पर निःशुल्क दवाइयाँ व फर्स्ट ऐड उपलब्ध कराई गई। छोटे-मोटे चोटों पर मरहम-पट्टी की गई।
    कुछ बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण पाए गए, जिन्हें ORS दिया गया और नियमित पानी पीने की सलाह दी गई।

    कुल मिलाकर पाँचों मेडिकल यूनिट्स ने 1887 बच्चों को लाभान्वित किया।

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