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    हिंदुस्तान में वंदेमातरम् की शर्त पर मचा बवाल, सारंग और शर्मा ने साधा निशाना

    भोपाल | जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को सुप्रीम तभी कहा जा सकता है, जब वह पूरी तरह संविधान के अनुसार फैसले दे. यदि अदालत इस सिद्धांत से विचलित होती है, तो उसे सुप्रीम कहलाने का अधिकार नहीं रह जाता है |

    महमूद मदनी ने अपने बयान में ज्ञानवापी और मथुरा विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब कहीं अन्याय होगा तो उसके खिलाफ खड़ा होना जरूरी है और इसे ही वह जिहाद मानते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर न्यायपालिका ने सरकार के दबाव में आकर फैसले दिए, जो सही नहीं थे.

    मदनी के बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने दी प्रतिक्रिया

    मौलाना मदनी के बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम बोलना होगा. यह फिरकापरस्ती की बातें और देश को तोड़ने वाली राजनीति अब नहीं चलेगी. संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाने पर उन्होंने एतराज जताया. सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है. अगर हिंदुस्तान में आजादी से रह रहे हैं तो संविधान का पालन करना होगा. हिंदुस्तान का खाना और किसी और का गाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वंदे मातरम और संविधान का सम्मान करना ही होगा |

    रामेश्वर शर्मा ने भी मौलाना पर साधा निशाना

    मौलाना मदनी को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मौलाना महमूद मदनी अपनी औकात में रहकर बात करें. आप भारत के संविधान और सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दे रहे हैं. आप जिहाद, आतंकवाद, लव जिहाद, लैंड जिहाद को बढ़ावा देते हैं और फिर सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद करते हैं. निर्दोषों की हत्या करेंगे और सोचेंगे कि सुप्रीम कोर्ट आपको बिरयानी खिलाएगा. याद रखें, सुप्रीम कोर्ट आतंकियों को फांसी देता है, सम्मान नहीं देता |

    भारत में नए जिन्ना तैयार करने की कोशिश – शर्मा

    शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की देश की अमन-शांति को भंग करने वाली बातें सहन नहीं की जाएंगी. यदि आप संविधान का उल्लंघन करते हैं और न्यायपालिका पर सवाल खड़ा करते हैं, तो न्यायपालिका को स्वतः संज्ञान लेकर आपके खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान देश में अलगाववाद और आग लगाने की मानसिकता को बढ़ाते हैं. भारत में नए जिन्ना तैयार करने की कोशिश की जा रही है |

    उन्होंने आगे कहा कि अगर आपके बेटे-बेटी डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे तो देश सलाम करेगा, लेकिन यदि वही आतंकी गतिविधियों में शामिल होंगे तो उन्हें भी मारा जाएगा. भारत विरोधी गतिविधियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. सुप्रीम कोर्ट और संविधान का अपमान कर आप यह साबित कर रहे हैं कि आपकी मानसिकता देश में आग लगाने की है. लेकिन हिंदुस्तान भी साफ कर चुका है कि आग लगाने वालों को ही आग में झोंक दिया जाएगा. देश की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा |

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