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    बरगी क्रूज त्रासदी: “हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए”, अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद

    जबलपुर | बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के चौथे दिन राहत और बचाव कार्य के बीच पीड़ितों का धैर्य जवाब दे गया है। हादसे में जान गंवाने वाले कामराज के सहकर्मी ने पर्यटन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे 'हत्या' करार दिया है। उन्होंने कड़े लहजे में सवाल किया कि अब तक विभाग के कितने बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है और फरार बोट ऑपरेटर की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

    मुआवजे पर भारी पड़ा न्याय का सवाल

    मृतक कामराज के साथी ने प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि को नकाते हुए कहा, "कामराज की आय और परिवार के पांच सदस्यों की मौत की भरपाई पैसों से नहीं हो सकती। यह लापरवाही का नतीजा है और जब तक दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक इसे न्याय नहीं माना जाएगा।"

    सर्च ऑपरेशन: आज मिले दो और शव

    रविवार सुबह रेस्क्यू टीम ने दो और शव बरामद किए। सुबह 6 बजे 8 वर्षीय मयूरन और 9:40 बजे कामराज आर. का शव पानी से निकाला गया। मयूरन तमिलनाडु के त्रिची से यहां घूमने आया था। इस हृदयविदारक घटना में अब तक कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 8 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल हैं। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा के मुताबिक, तसल्ली के लिए सर्चिंग अभियान आज पूरे दिन जारी रहेगा।

    लापरवाही के बड़े खुलासे

    हादसे के पीछे विभाग की कई गंभीर खामियां सामने आ रही हैं:

    • ओवरलोडिंग: क्रूज पर करीब 47 लोग सवार थे, जबकि रिकॉर्ड में केवल 29 टिकटें ही कटी थीं।

    • अलर्ट की अनदेखी: मौसम विभाग ने पहले ही 'यलो अलर्ट' जारी किया था, इसके बावजूद 74 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के बीच क्रूज को पानी में उतारा गया।

    • सुरक्षा में चूक: पर्यटन विभाग के सलाहकार भले ही इसे 'मिनी बवंडर' बता रहे हों, लेकिन सवाल यह है कि खराब मौसम में रियल-टाइम मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गई?

    कार्गो विमान से गृह राज्य भेजे गए शव

    जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से तमिलनाडु के पर्यटकों के पार्थिव शरीरों को विशेष कार्गो विमान के जरिए त्रिची रवाना कर दिया गया है। तकनीकी दिक्कतों के बाद प्रशासन ने दूसरे विमान की व्यवस्था की, जिसमें मृतकों के परिजन भी साथ गए हैं।

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