अलवर के वार्ड 7 में ऑटो टिपर देर से पहुंचने के कारण लोग कई दिनों तक घर का कचरा रखने को मजबूर। बाल भारती स्कूल के पीछे सुबह 10 बजे पहुंचता है टिपर, नाराजगी बढ़ी।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
एक ओर जिला प्रशासन और नगर निगम अलवर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के वार्डों में ऑटो टिपर व्यवस्था की अव्यवस्थित कार्यप्रणाली लोगों के सामने चिंता का विषय बनती जा रही है। विशेष रूप से वार्ड नं. 7 के स्कीम नं. 1 क्षेत्र में रहने वाले लोग कचरा निस्तारण से जुड़ी लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां सुबह समय पर ऑटो टिपर न पहुंचने के कारण अनेक घरों में कचरा जमा हो रहा है और लोग मजबूरीवश इसे कई दिनों तक घर में ही रखने को विवश हैं।
वार्ड नं. 7 स्थित बाल भारती स्कूल के पीछे वाले क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह करीब 10 बजे ऑटो टिपर पहुंचता है। इस देर से पहुंचने वाले समय के कारण सुबह-सुबह कचरा डालने की सामान्य आदत वाले अधिकांश निवासी या तो घर से बाहर जा चुके होते हैं, या पूजा-पाठ में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में निर्धारित समय से काफी देर बाद आने वाले ऑटो टिपर में कचरा डाल पाना संभव नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप कई परिवारों को अपने घरों में कचरे के ढेर को मजबूरन सुरक्षित रखना पड़ रहा है, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने मिशनसच न्यूज को बताया कि कुछ समय पहले तक यह ऑटो टिपर सुबह 9 बजे से पहले पहुंच जाता था, जिससे सभी लोग आसानी से कचरा डाल लेते थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से समय में अनियमितता और देरी ने लोगों का दैनिक रूटीन ही बिगाड़ दिया है। लोगों ने समय पर कचरा संग्रहण न होने से उत्पन्न बदबू, गंदगी और मच्छरों की समस्या का भी उल्लेख किया, जो आगे चलकर बीमारियों का कारण बन सकती है।
जब कुछ निवासियों ने देरी के संबंध में ऑटो टिपर चालक से बात की, तो बताया गया कि वार्ड नं. 7 में केवल एक ही ऑटो टिपर है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र को कवर करने में देर लग जाती है। लोगों ने सुझाव दिया कि राउंड सिस्टम में बदलाव कर इसे पहले उनके क्षेत्र में भेजा जाए, ताकि वे सुबह घरों से बाहर निकलने से पहले कचरा निस्तारित कर सकें। लेकिन यह सुझाव फिलहाल मान्य नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन शहर को स्वच्छ बनाने की बात करता है, लेकिन यदि कचरा संग्रहण की मूल व्यवस्था ही समय पर नहीं होगी तो स्वच्छता अभियान कैसे सफल होगा? वार्ड निवासियों ने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि क्षेत्र में ऑटो टिपर की संख्या बढ़ाई जाए, रूट चार्ट में संशोधन किया जाए और कचरा संग्रहण सुबह 7 से 9 बजे के बीच अनिवार्य रूप से कराया जाए।
लोगों का यह भी कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान और निगम द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान तभी सफल हो सकते हैं जब नगर निगम की प्राथमिक सेवाएं समय पर और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हों। स्थानीय नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या पर प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें कचरा संग्रहण की इस मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान न होना पड़े।
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