वजीरपुर कन्या महाविद्यालय में दहेज विरोधी कानून व संपत्ति अधिकारों पर व्याख्यान आयोजित
मिशनसच न्यूज, वजीरपुर। राजस्थान राज्य महिला नीति के तहत राजकीय कन्या महाविद्यालय, वजीरपुर में शुक्रवार को एक जागरूकता व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता एडवोकेट संतोष कुमार जाटव ने “दहेज विरोधी कानून एवं संपत्ति में महिलाओं के अधिकार” विषय पर विस्तार से जानकारी दी और छात्राओं को कानूनी रूप से जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।
एडवोकेट संतोष जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि कानूनी जानकारी महिलाओं को सशक्त बनाती है और समाज में फैली कुरीतियों से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार भी है। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई आज भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में दहेज निषेध अधिनियम 1961 और भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी होना प्रत्येक महिला के लिए आवश्यक है।
उन्होंने छात्राओं को दहेज लेने और देने दोनों को कानूनन अपराध बताते हुए इसके कानूनी परिणामों की जानकारी दी। साथ ही दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामलों में महिलाओं को मिलने वाले कानूनी संरक्षण और सहायता की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला।
व्याख्यान के दौरान संपत्ति में महिलाओं के अधिकारों पर विशेष जोर देते हुए एडवोकेट जाटव ने बताया कि भारतीय कानून के तहत महिलाओं को पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनों के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों को सरल भाषा में समझाया, जिससे छात्राएं अपने अधिकारों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी प्रो. रमेश बैरवा ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित संकाय सदस्यों एवं छात्राओं ने व्याख्यान को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया। छात्राओं ने कानून से जुड़ी जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क
https://missionsach.com/category/india


