अरावली को लेकर लक्ष्य की ओर ऊंची उड़ान वेलफेयर फाउंडेशन की पहल
मिशनसच न्यूज, खैरथल। ।
अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण को लेकर बुधवार को लक्ष्य की ओर ऊंची उड़ान वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उप जिला कलेक्टर शिवपाल जाट को सौंपा।
ज्ञापन में अरावली पर्वत श्रृंखला की हालिया परिभाषा में किए गए बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। फाउंडेशन के संस्थापक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि नई परिभाषा के चलते अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, जंगलों की कटाई, जलस्रोतों का क्षरण और पर्यावरणीय असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है। इसका सीधा असर आमजन के जीवन, जल सुरक्षा और जैव-विविधता पर पड़ रहा है।
संस्था की ओर से मांग की गई कि अरावली पर्वत श्रृंखला की वैज्ञानिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक परिभाषा को यथावत बहाल किया जाए तथा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार की विनाशकारी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग रखी गई।
उप जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने ज्ञापन को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस दिशा में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि अरावली का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट, प्रदूषण और मरुस्थलीकरण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
कार्यक्रम के अंत में “अरावली बचेगी, तभी भविष्य बचेगा” के संदेश के साथ जन-जागरूकता अभियान को और तेज करने का संकल्प दोहराया गया।
इस दौरान फाउंडेशन के सदस्य अंकित शर्मा (गुरुजी), मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज अग्रवाल, सुनील लालवानी, गिरीश डाटा, श्यामलाल, बाबूलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, हिमांशु गुप्ता, सुमित कुमार, कृष्ण चौधरी, शिवानी शर्मा, जिगर शर्मा, सावन सिंह, तनुज शर्मा, अमित चौधरी, हेमंत गुर्जर, अंकित जोशी, प्रहलाद गोयल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
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