प्रदर्शन में शामिल होने की अपील
मिशनसच न्यूज, अलवर। अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया के कथित अपहरण तथा उन्हें न्यूयॉर्क ले जाने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इस घटना को एक संप्रभु राष्ट्र की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीश शर्मा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सी.आई.ए. के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई केवल वेनेजुएला की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि वहां के पेट्रोल एवं कूडो जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा किया जा सके। संगठन के अनुसार किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष को इस तरह बंधक बनाना मानवाधिकारों एवं वैश्विक नैतिक मूल्यों के विरुद्ध है। एएसओ ने आरोप लगाया कि अमेरिका लंबे समय से लैटिन अमेरिकी देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता रहा है, जिसके दुष्परिणाम पूरी दुनिया के सामने हैं।
संगठन ने निर्णय लिया है कि इस गैरकानूनी हस्तक्षेप के विरोध में 8 जनवरी 2025 को सायं 4 बजे नंगली चौराहा, अलवर पर विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों, महिला–युवा मंचों तथा प्रगतिशील नागरिक समूहों को आमंत्रित किया गया है। प्रदर्शन के दौरान शांति, संप्रभुता और लोकतंत्र के समर्थन में ज्ञापन भी प्रस्तुत किया जाएगा।कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय भाईचारे का संदेश दें।
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