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    Homeधर्म-समाजमहाशिवरात्रि कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक समय और महत्व

    महाशिवरात्रि कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक समय और महत्व

    महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है. इस दिन लोग व्रत रखकर भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करते हैं. महाशिवरात्रि पर​ शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है, इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालयों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है. इस दिन लोग अपने जीवन में सुख, समृद्धि, उन्नति और ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए रुद्राभिषेक कराते हैं. महाशिवरात्रि को फाल्गुन मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि कब है? महाशिवरात्रि की सही तारीख, मुहूर्त और महत्व क्या है?
    महाशिवरात्रि की तारीख

    दृक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को शाम 05 बजकर 04 पी एम से शुरू होगी. यह चतुर्दशी तिथि 16 फरवरी दिन सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी. ऐसे में महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को मनाई जाएगी. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत रखा जाएगा और भगवान शिव की पूजा विधि विधान से की जाएगी.

    महाशिवरात्रि मुहूर्त
    15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त 05:21 ए एम से 06:12 ए एम तक है. इस समय में आप स्नान करके भगवान शिव का जलाभिषेक करें. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 पी एम से 12:59 पी एम तक है. महाशिवरात्रि के दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:11 ए एम से लेकर मध्य रात्रि 01:02 ए एम तक है.
    महाशिवरात्रि जलाभिषेक समय
    महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर रात तक लोग जलाभिषेक करते हैं. मंदिरों में रात से ही भक्तों की भीड़ लग जाती है. लेकिन जलाभिषेक सुबह में और प्रदोष काल में किया जाना चाहिए. हालांकि शिव पूजा में चार प्रहर के मुहूर्त का भी अपना महत्व है.

    सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि
    इस बार की महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग में आप जिस भी शुभ मनोकामना से भगवान शिव शंकर की पूजा करेंगे, वह फलीभूत होगा. शिव कृपा से आपके कार्य सफल होंगे. सर्वार्थ सिद्धि योग का समय सुबह में 07:04 ए एम से लेकर शाम को 07:48 पी एम तक है.
    उस दिन व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर 16 फरवरी को 02:47 ए एम तक है, उसके बाद वरीयान् योग है. महाशिवरात्रि के दिन उत्तराषाढा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम को 07:48 पी एम तक है, उसके बाद से श्रवण नक्षत्र है.
    महाशिवरात्रि पर शिववास
    महाशिवरात्रि के दिन शिववास भोजन में प्रात:काल से लेकर शाम को 05:04 पी एम तक है, उसके बाद शिववास श्मशान में है. शिववास होने पर ही रुद्राभिषेक कराया जाता है. हालांकि महाशिवरात्रि पर पूरे दिन ही शिववास होता है, ऐसे में आप किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं.
    महाशिवरात्रि का महत्व
    महाशिवरात्रि के दिन व्रत और शिव पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है. महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, रुद्र पूजा, शिव साधना आदि की जाती है. शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का दिन सबसे विशेष होता है. इस दिन शिव मंत्रों का जाप शुभ फलदायी माना जाता है.

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