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    मध्य प्रदेश में मकर संक्रांति पर तगड़ा पुलिस बंदोबस्त, नदी के घाटों, पतंगबाजों पर रहेगी पैनी नजर

    भोपाल/ हैदराबाद: मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में महापर्व मकर संक्रांति की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. नए साल का पहला बड़ा त्योहार मकर संक्रांति इस साल 14 और 15 जनवरी के दिन मनाया जायेगा. ऐसे में मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियों के तटों पर बसे शहरों में माघ मेले और मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर लगने वाले मेले को लेकर पुलिस-प्रशासन ने मेगा प्लान बनाया है. साथ ही जैसे-जैसे मकर संक्रांति की तारीख नजदीक आती आ रही है. पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा यातायात को लेकर तटों पर उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित ढंग से दर्शन और स्नान कराने के लिए खास प्रबंध किए हैं.

    मकर संक्रांति पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब

    मकर संक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को उज्जैन, ओंकारेश्वर, नर्मदापुरम के सेठानी घाट सहित नरसिंहपुर के बरमान घाट आदि स्थानों पर नर्मदा और शिप्रा नदी में स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. सूर्य के उत्तरायण प्रवेश का यह पर्व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे भारत के उत्तर और दक्षिण दोनों हिस्सों में विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है.

    बरमान मेले में तैनात होंगे 350 जवान

    बरमान में लगने वाले माघ मेले में व्यापारियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 350 जवानों का बल तैनात किया जाएगा. साथ ही मेला परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और पुलिस थाना बनाकर कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है. पुलिस की टीमें मेले के हर कोने और नर्मदा तट पर नजर बनाकर रखेंगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सफाई व्यवस्था से लेकर आवागमन के लिए हर सुविधा को सुगम बनाने का कार्य चल रहा है. जगह-जगह चेजिंग रूम और अस्थाई शौचालय भी रखे जा रहे हैं. साथ ही निरंतर सफाई अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

    कलेक्टर ने तैयारियों को लेकर की बैठक

    खंडवा कलेक्टर ने ओंकारेश्वर में नर्मदा घाट पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है. उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सख्त निर्देश जारी किए. वहीं, ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन को 14 और 15 जनवरी को नर्मदा नदी का जलस्तर सामान्य बनाए रखने के निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. साथ ही स्नान के बाद भगवान ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश संबंधितों को दिए हैं.

    धूमधाम से मनाया जायेगा मकर संक्रांति का पर्व

    नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर पवित्र नर्मदा नदी के तट पर मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा. घाट पर हजारों श्रद्धालु पवित्र नर्मदा नदी में स्नान कर पुण्य का लाभ उठाएंगे. खासकर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इस दिन नर्मदा नदी में स्नान का बहुत महत्व है. मकर संक्रांति पर लोग स्नान और दान करके पुण्य कमाते हैं और सूर्य नारायण को अर्घ्य देने के बाद लोग भिखारियों को दान देते हैं.

    सदियों पुरानी परंपरा है पतंगबाजी

    मकर संक्रांति के महापर्व पर नदियों में स्नान-ध्यान पूजा पाठ और दान के अलावा इन दिनों पतंगबाजी का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. पतंग उड़ाना एक ऐसी परंपरा है, जो कई सौ सालों से मकर संक्रांति से जुड़ी हुई है. यह न केवल एक उत्सव का हिस्सा है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. लेकिन पतंगबाजी में यूज होने वाले चाइनीज मांझे की वजह से पूरे देश में हर साल कई लोगों को जान गंवानी पड़ती है. जिस कारण पुलिस प्रशासन ने चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है.

    चाइनीज मांझे जब्त कर रही पुलिस

    पतंगबाजी से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा हैं. प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन लगातार लोगों को समझाइश देकर चाइनीज मांझे का उपयोग करने के लिए रोक रहा है. इस मांझे की चपेट में आकर पशु-पक्षी और वाहन चालकों की जान जा रही है. चोरी-छिपे चाइनीज मांझा बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई करते हुए धागों को जब्त किया जा रहा है.

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