कार्यक्रम में स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते एवं स्टेशनरी किट का वितरण किया गया।
मिशनसच न्यूज, जयपुर। डीडवाना-कुचामन जिला प्रशासन द्वारा घुमंतू परिवारों के बच्चों के संवर्धन एवं प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे नवाचारों के तहत गुरुवार को एक सराहनीय पहल देखने को मिली। राजस्व राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी ने भारतीय पीजी महाविद्यालय, चितावा में आयोजित कार्यक्रम में राजकीय विद्यालय, चितावा के घुमंतू परिवारों के विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते एवं स्टेशनरी किट का वितरण किया। इस अवसर पर शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन की इस पहल की व्यापक सराहना की गई।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन द्वारा भामाशाहों के सहयोग से खरीदी गई स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते एवं स्टेशनरी किट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य घुमंतू परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना, उन्हें विद्यालय से जोड़ना तथा उनके शैक्षणिक विकास में सहयोग प्रदान करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
राजस्व राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डीडवाना-कुचामन जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा को धरातल पर साकार करने का उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के नेतृत्व में जिले में घुमंतू परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का जो कार्य किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। इस पहल से ऐसे परिवारों के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिलेगा और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है और इस प्रकार के प्रयास भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिलेभर में घुमंतू परिवारों के बच्चों को राजकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि घुमंतू परिवारों के आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने, उन्हें आवास एवं कृषि कार्य हेतु भूमि उपलब्ध कराने तथा राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म व स्टेशनरी किट उपलब्ध करवाने वाले भामाशाहों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे नवाचारों को सफल बनाया जा सकता है।
घुमंतू परिवारों के बच्चों के संवर्धन एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम के संबंध में अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहन लाल खटनावलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन द्वारा 11 गांवों के घुमंतू परिवारों के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 160 विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते एवं स्टेशनरी किट वितरित की गई। इसके साथ ही 18 विद्यार्थियों के आधार कार्ड बनवाकर उन्हें वितरित किए गए, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भामाशाहों के सहयोग से 60 जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल भी वितरित किए गए, जिससे सर्दी के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान कुचामन उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह देथा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भंवर लाल खोखर, सरपंच मनोज मेघवाल, महाविद्यालय के प्रतिनिधि, भामाशाह गंगा सिंह राजावत, राजेंद्र सिंह राठौड़, अनिल पारीक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार उनके बच्चों को विद्यालय में आवश्यक संसाधनों के साथ पढ़ने का अवसर मिला है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे भी अब आगे बढ़कर समाज में अपना स्थान बनाने का सपना देख रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने घुमंतू परिवारों के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। यह पहल निश्चित रूप से जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में स्थापित हो रही है।
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