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    युवा परिषद स्वर्ण जयंती महोत्सव: अयोध्या तीर्थ से 4 दिवसीय ऑनलाइन आयोजन सम्पन्न

    अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का स्वर्ण जयंती महोत्सव पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सान्निध्य में 4 दिवसीय समारोह के रूप में सम्पन्न हुआ।

    मिशनसच न्यूज, अयोध्या तीर्थ — देश में युवाओं की सर्वप्राचीन संस्था अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद द्वारा दिनांक 11 से 14 जनवरी  को अयोध्या तीर्थ से ‘‘युवा परिषद स्वर्ण जयंती महोत्सव’’ का चार दिवसीय भव्य ऑनलाइन समारोह पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सान्निध्य में सानंद सम्पन्न हुआ। यह आयोजन प्रतिदिन प्रातः 6 बजे जिनाभिषेक से प्रारंभ होकर प्रातः 7 बजे तक पारस चैनल एवं भगवान ऋषभदेव जूम चैनल पर सीधा प्रसारण के साथ आयोजित किया गया। देशभर की युवा परिषद शाखाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और संस्था की स्वर्ण जयंती का गौरवपूर्ण उत्सव मनाया।

    अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन (जयपुर) ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दिवस 11 जनवरी को अयोध्या स्थित बड़ी मूर्ति जैन मंदिर में प्रातः भव्य पंचामृत अभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात आर्यिका श्री स्वर्णमती माताजी द्वारा स्वर्ण जयंती महोत्सव का मंगलाचरण किया गया। कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलन परामर्श प्रमुख पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी द्वारा किया गया। साथ ही जूम माध्यम से जुड़े विभिन्न गणमान्य पदाधिकारियों ने भी दीप प्रज्ज्वलन कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

    मंगल नृत्य और संस्था का परिचय प्रतिवेदन प्रस्तुत

    स्वागत उद्बोधन में राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने संस्था का परिचय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वर्ण जयंती के सुंदर गीत पर श्रीमती पूनम जैन एवं अन्य महिला साथियों द्वारा महमूदाबाद से मंगल नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं व सदस्यों ने सराहा।

    कार्यक्रम का समग्र संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने कुशलतापूर्वक किया। उन्होंने भूमिका वक्तव्य देते हुए देशभर की युवा परिषद शाखाओं को स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं दीं और इस स्वर्ण जयंती वर्ष में धार्मिक एवं सामाजिक विशेष आयोजनों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने का आह्वान किया।

    संत-सान्निध्य और अतिथियों का प्रेरणादायी संबोधन

    विशेष रूप से कार्यक्रम में अंतर्मना आचार्यश्री प्रसन्नसागर जी महाराज के संघस्थ शिष्य मुनि श्री सहजसागर जी महाराज एवं मानतुंगगिरि अतिशय तीर्थक्षेत्र धार (म.प्र.) में विराजमान क्षुल्लिका श्री चन्द्रमती माताजी ने ऑनलाइन सान्निध्य प्रदान कर समस्त युवा परिषद को आशीर्वाद दिया। मुनि श्री सहजसागर जी महाराज ने अपने गृहस्थ जीवन के समय युवा परिषद से जुड़े संस्मरण साझा कर युवाओं को संगठन से निरंतर जुड़े रहने की प्रेरणा दी।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद नवीन जैन (आगरा) तथा सुरेश जैन, कुलाधिपति तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद) ने युवा परिषद की गतिविधियों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    विशिष्ट अतिथियों में उत्तरप्रदेश-उत्तरांचल तीर्थक्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जवाहरलाल जैन (सिकन्द्राबाद), वरिष्ठ विद्वान एवं युवा परिषद के पूर्व संयुक्त महामंत्री डॉ. अनुपम जैन (इंदौर), संरक्षक हसमुख जैन गांधी (इंदौर) एवं दक्षिण भारत जैन सभा के पूर्व चेयरमैन प्रो. डी. ए. पाटिल (जयसिंहपुर) ने अपने विचार व्यक्त कर कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचा किया।

    देश-विदेश की शाखाओं की व्यापक सहभागिता

    समारोह में युवा परिषद के संरक्षक नितिन भाई शाह (न्यूजर्सी, अमेरिका), मुख्य संयोजक प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन (जम्बूद्वीप), कार्याध्यक्ष बिजेन्द्र जैन (दिल्ली), उपाध्यक्ष पवन जैन घुवारा (टीकमगढ़), उपाध्यक्ष रूपेश जैन गीतकार (टीकमगढ़), उपाध्यक्ष कमलेश भाई शाह (नॉर्थ कैरोलिना, अमेरिका), राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जैन (जयपुर), महामंत्री विमल बज (जयपुर), उत्तरप्रदेश अध्यक्ष आदीश जैन सर्राफ (लखनऊ), दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुनंदा जैन, इंदौर, खण्डवा, कोल्हापुर, मुम्बई, पुणे, बाराबंकी, कोटा, जयपुर एवं भोपाल सहित अनेक शाखाओं के पदाधिकारी व सदस्यों ने ऑनलाइन उपस्थिति देकर स्वर्ण जयंती महोत्सव का गौरव बढ़ाया।

    युवाओं को धर्मसेवा और समाजसेवा का संदेश

    पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने पारस चैनल के माध्यम से युवाओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्मसेवा, समाजसेवा और संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ने इस स्वर्ण जयंती वर्ष में ‘‘युवा परिषद स्वर्ण जयंती अभिनंदन ग्रंथ’’ प्रकाशित करने की प्रेरणा देकर इसे ऐतिहासिक वर्ष बनाने का संकल्प दिलाया।

    पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी ने समाज में सज्जातित्त्व विवाह परंपरा को प्रोत्साहित करने एवं युवक-युवती विवाह परिचय सम्मेलन अधिकाधिक आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने जनसंख्या संतुलन और संस्कारित परिवार व्यवस्था पर भी प्रेरक संदेश दिया।

    भविष्य की योजनाओं की घोषणा

    समारोह के समापन अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने घोषणा की कि 14 फरवरी 2026 को पुनः भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से विशेष आयोजन किया जाएगा। साथ ही 5 अप्रैल 2026 को अयोध्या में पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सान्निध्य में युवा परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अवार्ड समर्पण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सज्जातित्त्व विवाह करने वाले नवदम्पत्तियों को ‘‘स्वर्णश्री’’ उपाधि प्रदान करने की नई योजना भी घोषित की गई।

    अंत में राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने सभी संत-समागम, अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्वर्ण जयंती महोत्सव को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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