जबलपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने के बाद जबलपुर पहुंचे. सीएम ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर उन्होंने मध्य प्रदेश की सस्ती बिजली जमीन की उपलब्धता और दूसरी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों को दी है. उन्हें उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ेगा. जबलपुर के कारोबारी से भी उन्होंने नए क्षेत्रों में निवेश करने के लिए अपील की.
मोहन यादव ने कहा कि दावोस में उन्होंने मध्य प्रदेश के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जहां दूसरे देशों और राज्यों में बिजली महंगी है, वहीं हम उद्योगपतियों को ढ़ाई रुपए तक में बिजली देने के लिए तैयार हैं. मोहन यादव ने बताया कि भारत सबसे युवा आबादी का देश है और उसमें भी मध्य प्रदेश युवा आबादी के मामले में तीसरे स्थान पर है. मतलब हमारे यहां अच्छा वर्क फोर्स है, इसके साथ ही मध्य प्रदेश में बड़ा लैंड बैंक भी है. उन्होंने बताया कि उनकी कई निवेशकों से चर्चा हुई है और चर्चा के बाद ऐसी संभावना है कि मध्य प्रदेश में भी निवेश बढ़ेगा.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर के कारोबारियों से चर्चा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में होटल व्यवसाय, अस्पताल व्यवसाय के लिए राज्य सरकार सब्सिडी दे रही है. सबसे ज्यादा सहूलियत तो मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए दी जा रही है. इसके लिए हम एक रुपए में 25 एकड़ जमीन देने को तैयार हैं. मेडिकल कॉलेज खोलने वाली संस्थाओं को सरकारी अस्पताल में बच्चों को पढ़ाने का मौका मिलेगा. सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज के ऊपर स्टूडेंट प्रैक्टिस कर सकते हैं.
मध्य प्रदेश में निवेश का वातावरण और सड़क, बिजली, पानी सब कुछ है
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस करने वाले छात्र-छात्राओं को 70 लाख रुपए तक का लोन देने के लिए तैयार है. मेडिकल कॉलेज खोलने वालों को यह फीस मदद करेगी और डॉक्टर बनने के बाद छात्रों को ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देनी होगी. इस बांड के जरिए वह अपना कर्ज भी चुका सकता है. इसी तरीके से निजी क्षेत्र के कॉलेज भी चल सकेंगे. छात्रों को एमबीबीएस करने का मौका मिलेगा और सरकार को डॉक्टर मिल जाएंगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि मध्य प्रदेश में निवेश का वातावरण और सड़क, बिजली, पानी सब कुछ है. इसलिए निवेशकों को आगे आकर मध्य प्रदेश में निवेश करना चाहिए.


