बाघ संरक्षण और प्रोजेक्ट चीता पर मंथन, सरिस्का में जुटेंगे देशभर के टाइगर रिजर्व अधिकारी
मिशनसच न्यूज, अलवर। बाघ परियोजना सरिस्का में 6 से 8 फरवरी तक भारत के विभिन्न टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशकों एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा सहित देशभर से वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
डीएफओ सरिस्का अभिमन्यु सहारण ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला के दौरान वन्यजीव रेस्क्यू के लिए रोडमैप तैयार करने, प्रोजेक्ट चीता की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन, मानव-बाघ संघर्ष की समीक्षा, अखिल भारतीय बाघ आंकलन 2026 तथा बाघ आबादी के सक्रिय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यशाला के अंतर्गत 7 फरवरी को सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में सिलीसेढ़ झील पर बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का अवलोकन किया जाएगा। वहीं 8 फरवरी को प्रातःकाल अलवर टाइगर मैराथन का आयोजन होगा, जिसका उद्देश्य आमजन में बाघ संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला में देश के 58 टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक एवं 18 राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक भाग लेंगे। आयोजन को लेकर सरिस्का प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
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