प्रसन्न सागर महाराज ने उपवास को बताया आत्मशक्ति और स्वास्थ्य का आधार, राज्यपाल से मुख्यमंत्री तक रहे मौजूद
मिशनसच न्यूज, जयपुर। राजधानी के ईपी सेंट्रल लॉन में शनिवार को ‘हर मास – एक उपवास’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण को जीवंत बना दिया।
अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हर मास एक उपवास ही सर्व बीमारियों का इलाज है।” उन्होंने कहा कि दुनिया के लगभग हर धर्म और संस्कृति में उपवास को ईश्वर से जुड़ने और आत्मनियंत्रण प्राप्त करने का सशक्त माध्यम माना गया है। हमारी इन्द्रियां बाहरी सुख और स्वाद की ओर आकर्षित होती हैं, लेकिन उपवास के माध्यम से व्यक्ति अपनी सबसे प्रबल इच्छा यानी भूख पर नियंत्रण करना सीखता है। इससे मन में अद्भुत आत्मशक्ति और विल पावर का संचार होता है।
मंगलाचरण के साथ धर्मसभा का शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्ज्वलन उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं हूमड परिवार द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने की, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि इस अवसर पर परम पूज्य संघस्थ प्रवर्तक मुनि सहज सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए धर्म का मर्म समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल दिखावे से नहीं बल्कि स्वाध्याय, अध्ययन और विकृतियों को त्यागकर ही आत्मशुद्धि संभव है। उन्होंने सभी से प्रत्येक माह एक उपवास करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने जयपुर प्रवास समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय चारित्र शुद्धि महामंडल विधान की सफलता के लिए अध्यक्ष सुभाष चंद जैन, महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा और कोषाध्यक्ष कैलाश चंद छाबड़ा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गुरु भक्त कैलाश छाबड़ा को ‘समाज सारथी’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही ‘हर मास – एक उपवास’ की पूरी टीम को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मचारी तरुण भैया ने किया। अंतर्मना धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास तथा पतंजलि योग पीठ हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस द्वितीय सामूहिक उपवास एवं प्रासंगिक कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। जिनवाणी स्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
यह आयोजन अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज एवं योग ऋषि बाबा रामदेव की पावन प्रेरणा से संपन्न हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को संयम, साधना और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
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