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    जयपुर में राज्य स्तरीय मेले का शुभारंभ, वन उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

    सचिवालय नर्सरी में दो दिवसीय वन मेला, आदिवासियों की आजीविका सशक्त बनाने पर जोर

    जयपुर। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने सोमवार को सचिवालय नर्सरी, जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय वन मेले का विधिवत उद्घाटन किया। 9 एवं 10 फरवरी तक आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय मेला प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    मंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के साथ आदिवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि इस मेले के माध्यम से वनों से प्राप्त औषधियों एवं अन्य उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा, जिससे वन आधारित आजीविका से जुड़े लोगों को आर्थिक संबल मिलेगा।

    उन्होंने जानकारी दी कि वन विभाग द्वारा उदयपुर और कोटा की तर्ज पर पहले संभाग स्तर तथा उसके बाद जिला स्तर पर वन मेलों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जयपुर में भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के वन मेले के आयोजन की भी योजना है। इस अवसर पर उन्होंने आरएफबीडीपी परियोजना के अंतर्गत प्रकाशित स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया।

    प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख पवन कुमार उपाध्याय ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ऐसे मेले वनों में उत्पादित औषधीय व अन्य वन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आदिवासी एवं स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

    मेले में उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, चूरू, करौली, अलवर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, जयपुर, कोटा, बारां, प्रतापगढ़, राजसमंद, बीकानेर और झालावाड़ सहित विभिन्न जिलों के वन मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, राजीविका समूहों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं ने भागीदारी की है।

    करीब 52 स्टॉल्स पर शहद, जामुन उत्पाद, लाख, गोंद, जड़ी-बूटियां, औषधीय व सुगंधित पौधे, एलोवेरा उत्पाद, हर्बल सामग्री, बांस शिल्प, लकड़ी हस्तशिल्प, मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ, मसाले, अचार, अमला कैंडी, नीम उत्पाद, जैव उर्वरक, जनजातीय कला, बीज व पौध सामग्री तथा थार क्षेत्र के कैर-सांगरी जैसे विशेष उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है।

    इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों द्वारा टॉक शो एवं संवाद सत्रों के माध्यम से वन संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा वन उत्पादों से आजीविका संवर्धन जैसे विषयों पर उपयोगी जानकारी प्रदान की जा रही है। यह मेला विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रकृति प्रेमियों एवं आमजन के लिए जागरूकता का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।

    इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा, मुख्य वन संरक्षक जयपुर रामकरण खेरवा सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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