बीएनपी–जमात कार्यकर्ताओं की हिंसक झड़प में छह घायल, बेटे पर हमले के सदमे से मां की मौत
ढाका। बांग्लादेश के बोगुरा जिले के नंदीग्राम उपजिले में चुनावी रंजिश और राजनीतिक हिंसा का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मतदान से ठीक पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान हमलावरों ने बर्बरता की हद पार करते हुए एक स्थानीय नेता की आंख तक निकाल दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया है।
घटनाक्रम के अनुसार सोमवार शाम करीब 7:30 बजे परशुन गांव में विवाद उस समय शुरू हुआ, जब जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार कर रहे थे। मौके पर मौजूद बीएनपी समर्थकों ने उन पर मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे बांटने का आरोप लगाया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
बताया जा रहा है कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने जमात के कुछ लोगों को पकड़कर स्थानीय नेता मसूद राना के घर ले गए। इसके बाद अपने साथियों को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में जमात कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और मसूद राना के घर पर धावा बोल दिया। इसी दौरान हमला इतना क्रूर हो गया कि मसूद राना की दाहिनी आंख फोड़कर निकाल दी गई।
बीएनपी उम्मीदवार मोशर्रफ हुसैन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से मसूद पर हमला किया। घायल मसूद को तुरंत बोगुरा के शहीद जियाउर रहमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी आंख की हड्डी टूट चुकी है और दृष्टि वापस आने की संभावना बेहद कम है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी रेफर किया गया है।
इस घटना का दुखद पहलू यहीं खत्म नहीं हुआ। बेटे पर हुए इस बर्बर हमले की खबर सुनकर मसूद राना की मां राबेया को गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार सदमे के कारण उनकी मौत हो गई। उनके पैतृक घर पर नमाज-ए-जनाजा अदा की गई, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।
दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार मोस्तफा फैसल ने वोट खरीदने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने बिना उकसावे के उनके लोगों पर हमला किया, जिसमें उनके भी दो कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जानकारी देने से बच रहा है। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और जांच जारी है। मतदान से पहले हुई इस हिंसा ने पूरे क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
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