108 महा रुद्राभिषेक, भव्य शिव बारात और गरीब कन्या विवाह के साथ शिवमय हुआ अलवर
अलवर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अलवर में आयोजित शिव कृपा आनन्द महोत्सव शिव कथा का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। साधक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. एस. सी. मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्रह्मलीन परम पूज्य भक्ति सम्राट संत गुरुजी शिवानन्द साधक जी महाराज (डेरा वाले बाबा – श्रीधाम वृन्दावन) की असीम कृपा एवं परम पूज्य डॉ. शिवम् साधक जी महाराज के सानिध्य में यह महोत्सव 8 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री राम मंदिर, अपना घर शालीमार, अलवर (राजस्थान) में हुआ।
108 महा विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन
15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर महोत्सव के अंतिम दिन 108 महा विशेष रुद्राभिषेक संपन्न किए गए। इस अवसर पर 108 जोड़ों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया।
निकली भगवान शिव की भव्य एवं मनमोहक बारात
रुद्राभिषेक के पश्चात भगवान शिव की आकर्षक एवं मनमोहक बारात निकाली गई। यह बारात त्रिदेव मंदिर, अपना घर शालीमार से प्रारंभ होकर श्री राम मंदिर तक पहुंची। बारात में शामिल भक्तगणों ने ढोल-नगाड़ों और भजनों की धुन पर नृत्य करते हुए उल्लासपूर्वक सहभागिता निभाई। पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया और ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं देवगण इस दिव्य आयोजन के साक्षी हों।
गरीब कन्या का विवाह बना मुख्य आकर्षण
आज के कार्यक्रम का विशेष आकर्षण एक गरीब कन्या का सामूहिक सहयोग से विवाह संपन्न कराना रहा। समाज के अनेक लोगों ने बढ़-चढ़कर कन्यादान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ यह विवाह समारोह अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। उपस्थित जनसमूह ने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
मानसरोवर धाम में रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक
शाम के समय परम पूज्य डॉ. शिवम् साधक जी महाराज माच का तिराहा, गंगोडी मोड़ स्थित मानसरोवर धाम मंदिर पहुंचे। वहां पंचमुखी शिवलिंग श्री अदभूतेश्वर जी महाराज का रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक किया गया। साथ ही अपने पिता ब्रह्मलीन संत गुरुजी शिवानन्द साधक जी महाराज का स्मरण कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।
मानसरोवर धाम मंदिर में भी प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हजारों भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को दूध, दही, शहद, नारियल पानी, गंगाजल आदि से अभिषेक किया तथा बेलपत्र, आक, धतूरा, भांग, पुष्प, फल, सींगरी, बेर, गाजर, आलू का हलवा और कुट्टू के आटे की पकौड़ी का भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
8 से 15 फरवरी तक चले इस शिव कृपा आनन्द महोत्सव में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं ने शिव कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। अंतिम दिन दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, जयपुर, भिवाड़ी, वृन्दावन, मथुरा, झिरका और फिरोजपुर सहित विभिन्न स्थानों से भक्तगण बारात में सम्मिलित होने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने शिवजी महाराज की कृपा का प्रसाद प्राप्त कर अपने जीवन को कृतार्थ बताया।
पूरा आयोजन भक्ति, सेवा और सामाजिक सद्भाव का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया। महाशिवरात्रि के इस विशेष अवसर पर अलवर नगरी शिवमय वातावरण से आलोकित दिखाई दी
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