More
    Homeबिजनेसखदान के अपशिष्ट रिसाइक्लिंग के लिए पर्यावरणीय मंजूरी अनिवार्य नहीं, खनन कंपनियों...

    खदान के अपशिष्ट रिसाइक्लिंग के लिए पर्यावरणीय मंजूरी अनिवार्य नहीं, खनन कंपनियों को बड़ी राहत!

    खनन क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने मौजूदा खनन पट्टों  के भीतर टेलिंग्स के पुनर्चक्रण को नई पर्यावरण मंजूरी (ईसी) की अनिवार्यता से छूट दे दी है। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देना और नियामकीय बाधाओं को कम करना है।

    नई व्यवस्था से क्या होगा?

    नई व्यवस्था के तहत खनन कंपनियां अब अयस्क निष्कर्षण के बाद बचने वाले अपशिष्ट पदार्थ, यानी टेलिंग्स, को उसी स्वीकृत खनन क्षेत्र में दोबारा प्रोसेस कर उपयोगी खनिज, पानी या अन्य संसाधन निकाल सकेंगी, बिना अलग से पर्यावरण मंजूरी का इंतजार किए। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होने की उम्मीद है।

    उद्योग विशेषज्ञों की राय

    उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि पहले स्वीकृत खदान क्षेत्रों के भीतर भी टेलिंग्स रीसाइक्लिंग जैसी गतिविधियों के लिए अलग से पर्यावरण मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे परियोजनाओं में देरी होती थी और लागत बढ़ती थी।वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी किशोर कुमार एस ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उद्योग को अधिक स्वतंत्रता के साथ काम करने में मदद मिलेगी और परिचालन दक्षता बढ़ेगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश ऊर्जा संक्रमण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियों को तेज कर रहा है और संसाधनों के सतत उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here