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    जयपुर मेट्रो फेज-II को लेकर बड़ा अपडेट

    जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विधानसभा में जयपुर मेट्रो के फेज टू को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। आज सीएम बजट के विनियोग विधेयक पर जवाब पेश करेंगे। माना जा रहा है कि अपने जवाब के दौरान वे जयपुर के लिए खास घोषणाएं कर सकते हैं। संभावना है कि जयपुर मेट्रो फेज टू प्रोजेक्ट के लिए बजट में विशेष प्रावधान की घोषणा भी की जाए। फेज टू में मेट्रो का विस्तार कहां तक संभव है। इसकी रूट ट्रैफिक सर्वे फील्ड स्टडी और आर्थिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार मेट्रो का विस्तार कहां से कहां तक होगा, जानिए इस खबर में जयपुर में मेट्रो फेज-II का रूट अब तय हो गया है। यह रूट ट्रैफिक सर्वे, फील्ड स्टडी और आर्थिक विश्लेषण के आधार पर तैयार किया गया है। नई योजना के तहत मेट्रो टोड़ी मोड़ (सीकर रोड) से लेकर प्रह्लादपुरा (टोंक रोड के पास रिंग रोड) तक चलेगी। यह करीब 43 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले जो डीपीआर बनी थी, उसमें सिर्फ अंबाबाड़ी से सीतापुरा तक 23 किलोमीटर और 20 स्टेशन का प्रस्ताव था, लेकिन अब रूट को बढ़ा दिया गया है ताकि ज्यादा इलाकों को फायदा मिल सके। यह कॉरिडोर शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ेगा और ट्रैफिक जाम से राहत देने में मदद करेगा। साथ ही सरकार जगतपुरा और वैशाली नगर जैसे तेजी से बढ़ रहे रिहायशी इलाकों में मेट्रो विस्तार पर भी विचार कर रही है।सरकार ने राजस्थान टाउनशिप नीति-2024 लागू कर दी है और TOD नीति-2025 भी लागू की है। इसके तहत मेट्रो स्टेशनों के आसपास 5-10 मिनट की पैदल दूरी में ज्यादा घनत्व वाला विकास किया जाएगा, ताकि लोग निजी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें। जयपुर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए पांच खास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर भी तय किए हैं। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर का मतलब मेट्रो या बीआरटीएस जैसे प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास 800 मीटर के दायरे में सघन, मिश्रित-उपयोग (आवास, वाणिज्यिक, कार्यालय) का विकास है।

    मौजूदा स्थिति

    फिलहाल जयपुर मेट्रो का फेज-1 कॉरिडोर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक संचालित हो रहा है। फेज-2 के पूरा होने पर मेट्रो नेटवर्क की लंबाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और शहर के औद्योगिक तथा रिहायशी इलाकों को सीधा कनेक्शन मिलेगा। परियोजना को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में जयपुर को विस्तारित मेट्रो नेटवर्क का लाभ मिल सकता है।

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