वैज्ञानिकों और किसानों के संवाद से दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल
कठूमर। क्षेत्र के जोधपुरा गांव में 25 किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग का बीज नि:शुल्क वितरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य दलहन उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को सतत फसल प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
परियोजना के तहत वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद स्थापित किया गया, जिससे दलहन फसलों के महत्व और ग्रीष्मकालीन मूंग की उन्नत खेती तकनीकों पर चर्चा हुई। लक्षित गांवों में, जहां धान-गेहूं प्रमुख फसल प्रणाली रही है, किसानों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक बैठकों के दौरान अधिकांश किसानों ने यह राय व्यक्त की कि गेहूं की कटाई के बाद ग्रीष्म ऋतु में मूंग की खेती संभव नहीं है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को वैज्ञानिक विधियों, कम अवधि वाली किस्मों और सिंचाई प्रबंधन के बारे में जानकारी दी, जिससे ग्रीष्मकाल में भी मूंग की सफल खेती की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मूंग जैसी दलहन फसलें भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन सकती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष खुडियाना सियाराम पटैल ने की। इस अवसर पर कृषि फार्म नौगावा से डॉ. सुभाष यादव, हंसराम सैनी, ग्राम विकास अधिकारी सेवक दिनेश सैनी, रितिक सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने किसानों से आह्वान किया कि वे परंपरागत फसल चक्र में बदलाव कर दलहन फसलों को शामिल करें, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और मिट्टी की सेहत भी बेहतर बनी रहेगी।
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