गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के अंतर्गत आने वाले ढेबवां गांव की प्रतिभावान बेटी पारुल राय ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और संघर्ष के बल पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्होंने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले राजकीय डिग्री महाविद्यालय पंचदेवरी के इतिहास विभाग में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। उनकी इस शानदार सफलता से उनके पैतृक गांव से लेकर पूरे प्रखंड में जश्न और खुशी का माहौल है।
गांव की साधारण शिक्षा से शुरू हुआ सफलता का सफर
पारुल राय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई अपने पैतृक गांव से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कसया से अपनी इंटरमीडिएट की शिक्षा संपन्न की।
उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री प्राप्त की और तत्पश्चात प्रतिष्ठित प्रयागराज विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन (परास्नातक) की पढ़ाई पूरी की।
कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प बनी सफलता की मुख्य कुंजी
असिस्टेंट प्रोफेसर के इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने के लिए पारुल ने दिन-रात कड़ा परिश्रम किया। उन्होंने अपनी इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने अटूट आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और माता-पिता के आशीर्वाद को दिया है।
उनका मानना है कि यदि पूरी ईमानदारी और फोकस के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास किया जाए, तो किसी भी मुकम्मल मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
डाकघर के पोस्टमास्टर हैं पिता, मां का हो चुका है निधन
पारुल के पिता संजय कुमार राय ढेबवां गांव के स्थानीय डाकघर में पोस्टमास्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, उनकी माता शशि राय एक गृहणी थीं, जिनका पिछले वर्ष ही असामयिक निधन हो गया था।
पारुल की इस सफलता के पीछे उनके परिवार के संबल और माता-पिता के संस्कारों की बहुत बड़ी भूमिका रही है, हालांकि आज इस मुकाम पर उनकी मां उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है।
बेटी की इस उपलब्धि से ग्रामीणों में गर्व का माहौल
पारुल राय के असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की खबर जैसे ही उनके गांव ढेबवां पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनकी इस सफलता को ग्रामीण अंचल की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
पंचदेवरी कॉलेज के इतिहास विभाग में संभाला अध्यापन कार्य
चयन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद पारुल राय ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अधीन संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय पंचदेवरी के इतिहास विभाग में आधिकारिक रूप से अपना योगदान दे दिया है।
गांव की संकरी गलियों से निकलकर उच्च शिक्षा के शिखर तक का सफर तय करने वाली पारुल अब महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को इतिहास के पाठ्यक्रम की शिक्षा देंगी। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गोपालगंज जिले और कुचायकोट प्रखंड का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।


