चंडीगढ़ हरियाणा| में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने नामांकन भर दिया है। उनके साथ सीएम नायब सैनी माैजूद रहे। इसके अलावा भाजपा एक निर्दलीय पर भी दांव खेल रही हैं। भाजपा नेता सतीश नांदल को सभी काम छोड़कर मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया गया है। वे सबसे बाद में तीसरे और अंतिम प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर सकते हैं। फिलहाल टीम नामांकन के लिए जरूरी कागजात तैयार करने में जुटी है। कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध भी नामांकन के लिए पहुंच गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने उनके नामांकन पत्र दाखिल करवाने से जुड़े डॉक्यूमेंट की प्रकिया पूरी करवाई। बुधवार रात को कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के आवास पर कांग्रेस विधायक रात्रि भोज के लिए जुटे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत तमाम विधायक मौजूद रहे। राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के भी उतरने की संभावना बनी हुई है। यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था।
राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव
वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है।अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।


