भारतीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि कई राज्य सरकारें 10 मार्च 2026 को होने वाली नीलामी के जरिए कुल 45,960 करोड़ रुपये जुटाएंगी। यह राशि राज्य सरकारी प्रतिभूतियों (SGS) की नीलामी के माध्यम से जुटाई जाएगी। इसे आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा।आरबीआई के अनुसार इस नीलामी में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अलग-अलग अवधि की प्रतिभूतियां जारी की जाएंगी। इनमें नई प्रतिभूतियों के साथ-साथ पहले जारी किए गए बॉन्ड की री-इश्यू भी शामिल होगी।
कौन-कौन से राज्य हो रहें शामिल?
- आंध्र प्रदेश 13, 15 और 17 वर्षों की अवधि वाली तीन प्रतिभूतियों के माध्यम से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है।
- अरुणाचल प्रदेश 20 वर्षों की अवधि के साथ 190 करोड़ रुपये जुटाएगा।
- असम 15 वर्षों की प्रतिभूति के माध्यम से 900 करोड़ रुपये उधार लेगा।
- दिल्ली 10 वर्षों की प्रतिभूति के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये जुटाएगा।
- गुजरात सात साल छह महीने और ग्यारह साल की अवधि के दो प्रतिभूतियों के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा रखता है, जिसमें प्रत्येक के लिए 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त उधार का विकल्प भी शामिल है।
- हरियाणा चार, बारह और अठारह साल की अवधि में 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिभूतियां जारी करेगा।
- जम्मू और कश्मीर पंद्रह साल की अवधि के लिए 900 करोड़ रुपये उधार लेगा।
यह राज्य बना सबसे बड़ा उधारकर्ता
कर्नाटक इस नीलामी में सबसे बड़ा उधारकर्ता होगा, जो नए शेयरों और मौजूदा शेयरों के पुनर्निर्धारण के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये जुटाएगा। इनमें 7.31 प्रतिशत ब्याज दर वाले कर्नाटक एसजीएस 2033, 7.38 प्रतिशत ब्याज दर वाले कर्नाटक एसजीएस 2034 और 7.48 प्रतिशत ब्याज दर वाले कर्नाटक एसजीएस 2037 के पुनर्निर्धारण के साथ-साथ 10 वर्ष छह महीने और 14 वर्ष की अवधि वाले अन्य शेयर शामिल हैं।
- केरल, जो 23 साल की अवधि के लिए प्रतिभूति के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है।
- मध्य प्रदेश, जो 10, 14 और 21 साल की अवधि की प्रतिभूतियों के माध्यम से 5,800 करोड़ रुपये उधार लेगा।
- छोटे निर्गमों में मिजोरम द्वारा 15 साल की अवधि के लिए 120 करोड़ रुपये और सिक्किम द्वारा 10 साल की अवधि के लिए 250 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- पंजाब नवंबर 2022 में जारी किए गए 7.62 प्रतिशत पंजाब एसजीएस 2032 के पुन: निर्गमन के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये जुटाएगा।
- तमिलनाडु ने नए निर्गमन और पुन: निर्गमन प्रतिभूतियों के संयोजन के माध्यम से 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है, जिसमें 7.23 प्रतिशत तमिलनाडु एसजीएस 2033 और 7.63 प्रतिशत तमिलनाडु एसजीएस 2056 शामिल हैं।
- इसके अतिरिक्त, त्रिपुरा 15 साल की अवधि के लिए प्रतिभूति जारी करके 800 करोड़ रुपये जुटाएगा।
- उत्तर प्रदेश 2037, 2041 और 2046 में परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों को पुनः जारी करके 3,500 करोड़ रुपये जुटाएगा।
- पश्चिम बंगाल 18 और 22 साल की अवधि वाली प्रतिभूतियों के माध्यम से 3,500 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रहा है।
यहां जानें पूरी समय सारणी
आरबीआई ने बताया कि नीलामी के लिए प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों तरह की बोलियां 10 मार्च को सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच ई-कुबेर प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा की जाएंगी। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों के लिए समय 10:30 से 11:00 बजे तक होगा।
नीलामी के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे, जबकि सफल बोलीदाताओं को भुगतान 11 मार्च 2026 को बैंकिंग समय के दौरान करना होगा। आरबीआई के अनुसार प्रत्येक प्रतिभूति की कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए आरक्षित रहेगा और खुदरा निवेशक आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से भी इसमें भाग ले सकते हैं।


