More
    Homeबिजनेसहोर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाज, भारतीय नौसेना चला सकती है विशेष अभियान

    होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाज, भारतीय नौसेना चला सकती है विशेष अभियान

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षा देने के लिए नौसेना के युद्धपोत तैनात करने पर विचार कर रही है।न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट अनुसार यह कदम भारतीय जहाज मालिकों के अनुरोध के बाद विचाराधीन है, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण यह समुद्री मार्ग अब उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में बदल गया है।

    जहाज मालिकों ने मांगी नौसेना सुरक्षा

    न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक भारत के समुद्री प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन पी.सी. मीणा ने कहा कि भारतीय जहाज मालिकों ने अपने जहाजों के लिए नौसेना एस्कॉर्ट की मांग की है। इसी के बाद सरकार इस विकल्प पर विचार कर रही है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय युद्धपोत भेजे जाएं, ताकि भारतीय व्यापारी जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सकें।दरअसल हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इस्राइल से जुड़े हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री गतिविधियों में खतरा बढ़ गया है। इस कारण बड़ी संख्या में जहाज दोनों ओर फंसे होने की खबरें भी सामने आई हैं।

    पाकिस्तान ने भी भेजे युद्धपोत

    रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान नौसेना ने भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत पश्चिम एशिया भेजने की घोषणा की है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी के दो जहाज पहले ही नौसेना की निगरानी में आ चुके हैं। हालांकि पाकिस्तान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसके टैंकर किस समुद्री मार्ग से वापस लाए जा रहे हैं।पाकिस्तान अपनी अधिकांश प्राकृतिक गैस कतर से और कच्चा तेल सऊदी अरब व संयुक्त अरब अमीरात से आयात करता है, इसलिए उसके लिए भी यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है।

    ऊर्जा आपूर्ति पर सरकार की नजर

    इस बीच भारत में ईंधन आपूर्ति और कीमतों को लेकर भी सरकार सतर्क है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक कर देश की ऊर्जा स्थिति की समीक्षा की।प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि पश्चिम एशिया संकट का असर भारतीय उपभोक्ताओं तक कम से कम पहुंचे और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

    अन्य देशों से ऊर्जा खरीद बढ़ाने की तैयारी

    भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। सूत्रों के मुताबिक देश अब अमेरिका, रूस, वेनेजुएला, ऑस्ट्रेलिया और अन्य महासागरीय देशों से भी ऊर्जा संसाधनों की खरीद बढ़ाने पर काम कर रहा है।साथ ही सरकार ने घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और प्राकृतिक गैस के उपयोग में प्राथमिकता तय करने का फैसला लिया है। इसके तहत घरेलू रसोई गैस और परिवहन क्षेत्र के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

    होटल-रेस्तरां उद्योग पर संकट

    इधर एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी दिखने लगा है। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष सागर दरयानी ने कहा कि कई शहरों में रेस्तरां के पास केवल एक-दो दिन का गैस स्टॉक बचा है।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई तो मुंबई, बंगलूरू और पुणे जैसे शहरों में कई होटल और रेस्तरां अगले दो दिनों में बंद करने की नौबत आ सकती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार दोनों पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में भारत अपने व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए लगातार रणनीतिक कदमों पर विचार कर रहा है।
     

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here