‘ब्रेन फॉग’ बन रहा नई पीढ़ी की बड़ी समस्या, जानिए कारण और बचाव
अलवर। तीस की उम्र में याददाश्त कम होना सामान्य नहीं माना जाता, लेकिन आजकल कई लोग एक अलग तरह की मानसिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। अक्सर लोग बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे दिमाग में धुंध छाई रहती है, सोचने की गति धीमी पड़ जाती है, मीटिंग में ध्यान नहीं टिकता या बातचीत के दौरान साधारण शब्द भी याद नहीं आते।
जो काम पहले आसानी से हो जाते थे, वे अब भारी और थकाऊ लगने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति अक्सर ‘ब्रेन फॉग’ कहलाती है। यह कोई गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी नहीं, बल्कि कुछ लक्षणों का समूह है जो मानसिक कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।
क्या है ‘ब्रेन फॉग’?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक कुमार के अनुसार ‘ब्रेन फॉग’ में व्यक्ति को मानसिक थकान, भ्रम, ध्यान की कमी और एकाग्रता में गिरावट महसूस होती है। इसमें सोचने और निर्णय लेने की क्षमता अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती है।
यह कोई आधिकारिक बीमारी नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को छोटी-छोटी बातें भूलना, मल्टीटास्किंग में कठिनाई होना और दिन के बीच में ही अत्यधिक थकान महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव मस्तिष्क शरीर की कुल ऊर्जा का लगभग 20 प्रतिशत उपयोग करता है। जब शरीर को पर्याप्त आराम, पोषण और नींद नहीं मिलती, तो सबसे पहले मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में दिमाग पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि “लो पावर मोड” में काम करने लगता है।
क्यों बढ़ रही है यह समस्या?
तीस की उम्र जैविक रूप से मानसिक क्षमता के लिए अच्छा समय माना जाता है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली ने इस संतुलन को प्रभावित किया है।
आजकल काम का बढ़ता दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, बच्चों की परवरिश, सोशल मीडिया की तुलना और लगातार डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल मानसिक तनाव को बढ़ा देता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार तनाव और नींद की कमी दिमाग की वर्किंग मेमोरी और फोकस को कमजोर कर देती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि लंबे समय तक काम करना और पर्याप्त नींद न लेना मानसिक प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करता है।
इसके अलावा कोविड-19 के बाद कई लोगों में लंबे समय तक मानसिक थकान और ध्यान की कमी जैसे लक्षण भी देखे गए हैं।
पोषण की कमी भी हो सकती है कारण
कई मामलों में शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी ‘ब्रेन फॉग’ का कारण बन सकती है।
विशेष रूप से विटामिन B12, विटामिन D3 और आयरन की कमी से एकाग्रता घट सकती है और शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
अगर इसके साथ थकान, झुनझुनी, बाल झड़ना या त्वचा का पीला पड़ना जैसे संकेत दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट करवाना जरूरी हो सकता है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सरल जीवनशैली बदलाव इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें
दिन में लगभग 30 मिनट हल्का व्यायाम करें
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि हल्का डिहाइड्रेशन भी ध्यान को प्रभावित कर सकता है
संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें
स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया का उपयोग सीमित करें
व्यायाम से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे ध्यान और मानसिक ऊर्जा में सुधार होता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि भूलने की समस्या इतनी बढ़ जाए कि वह रोजमर्रा के काम या नौकरी को प्रभावित करने लगे, या इसके साथ अचानक भ्रम, तेज सिरदर्द, बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
समय रहते सही जीवनशैली अपनाकर और स्वास्थ्य का ध्यान रखकर ‘ब्रेन फॉग’ जैसी समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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