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    संसद में उठा मोबाइल रिचार्ज का मुद्दा, 12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों?

    नई दिल्ली।  संसद में मोबाइल रिचार्ज प्लान को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया गया। Raghav Chadha ने राज्यसभा में कहा कि देश में मोबाइल यूजर्स को साल में 12 महीने के बजाय 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है, जो आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।

    संसद में उठी मोबाइल यूजर्स की समस्या

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भारत में लगभग 125 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं और इनमें से करीब 90% लोग प्रीपेड कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने इन यूजर्स की दो बड़ी समस्याएं संसद में उठाईं।पहली समस्या यह है कि रिचार्ज खत्म होते ही कई कंपनियां आउटगोइंग के साथ-साथ इनकमिंग कॉल भी बंद कर देती हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। दूसरी समस्या 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान की है।

    12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों?

    भारत की ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड प्लान 28 दिन की वैधता के साथ देती हैं।

    अगर 28 दिन के हिसाब से गणित लगाएं:

    28 × 13 = 364 दिन

    आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि मैंने 28 दिन के रिचार्ज “मंथली” प्लान्स का भी मुद्दा उठाया। अगर किसी चीज़ को मंथली कहा जाता है तो उसे 30-31 दिनों के कैलेंडर महीने के हिसाब से होना चाहिए। 28 दिन के साइकल की वजह से कंज्यूमर को असल में एक साल में 13 रिचार्ज के लिए पेमेंट करना पड़ता है। (28 दिन × 13 रिचार्ज = 364 दिन) इसका मतलब है कि पूरे साल मोबाइल चलाने के लिए यूजर्स को 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है, जबकि साल में केवल 12 महीने होते हैं।

                                

    कंपनियों की रणनीति पर सवाल

    राघव चड्ढा ने कहा कि दुनिया में ज्यादातर बिलिंग 30 या 31 दिन के कैलेंडर महीने के हिसाब से होती है, जैसे सैलरी, किराया, बिजली और पानी का बिल। लेकिन टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन का प्लान देकर साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाती हैं। उन्होंने इसे आम उपभोक्ताओं के साथ “छुपी हुई लूट” बताया और कहा कि अगर प्लान को मासिक कहा जाता है तो उसकी वैधता भी 30 या 31 दिन होनी चाहिए।

    इनकमिंग कॉल बंद होने पर भी उठाया सवाल

    सांसद ने यह भी कहा कि रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन कई मामलों में इनकमिंग कॉल और SMS भी बंद हो जाते हैं। इससे लोगों को बैंकिंग OTP, सरकारी सेवाओं और जरूरी कॉल मिलने में दिक्कत होती है।

    सरकार से की ये मांग

    राघव चड्ढा ने सरकार और टेलीकॉम कंपनियों से अपील की कि मोबाइल रिचार्ज प्लान कैलेंडर महीने (30-31 दिन) के हिसाब से हों यूजर्स के लिए प्लान ज्यादा पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाए जाएं रिचार्ज खत्म होने पर भी इनकमिंग कॉल कुछ समय तक जारी रहे।

    क्यों अहम है यह मुद्दा

    आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं बल्कि बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, OTP, सरकारी सेवाओं और नौकरी से जुड़ी जानकारी के लिए जरूरी हो चुका है। इसलिए रिचार्ज और कॉल सेवाओं से जुड़ा यह मुद्दा सीधे करोड़ों लोगों को प्रभावित करता है।

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