केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक का राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी डिटेंशन आदेश वापस लिया, लद्दाख में शांति और संवाद का रास्ता खोलने की कोशिश
जोधपुर। लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता व शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को करीब 170 दिन बाद जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जारी डिटेंशन आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय की ओर से आदेश जारी होने के बाद शनिवार को उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में चल रहे आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया था और बाद में NSA के तहत नजरबंद किया गया था।
लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। इसी दौरान प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें हिरासत में लिया था। करीब छह माह तक जेल में रहने के बाद अब सरकार ने उनके खिलाफ जारी डिटेंशन आदेश को निरस्त कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और संवाद का माहौल बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। रिहाई के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है और सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर व्यापक चर्चा देखी जा रही है।
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उनके नवाचारों और सामाजिक अभियानों ने देश-विदेश में उन्हें विशेष पहचान दिलाई है।
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