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    Homeराजनीतिसुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, मछुआरों और किसानों के लिए राहत।

    सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, मछुआरों और किसानों के लिए राहत।

    हिमाचल। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच यह बजट विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री की विपक्ष पर टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। लगातार व्यवधान को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही 11:30 बजे तक स्थगित कर दी। अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से शांति बनाए रखते हुए बजट सुनने का आग्रह किया और बताया कि 35 मिनट का समय विरोध में व्यर्थ गया।

    मछुआरों के लिए बड़ी घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने “मछुआरा योजना” शुरू करने की घोषणा की। जलाशयों की मछलियों के लिए पहली बार ₹100 प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया। यदि नीलामी मूल्य ₹100 से कम होता है, तो ₹20 तक का अनुदान DBT के माध्यम से दिया जाएगा। मछलियों पर रॉयल्टी 7% से घटाकर 1% कर दी गई। राज्य में 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

    बरसात में सहायता

    मछुआरों को बरसात के मौसम में ₹3501 की एकमुश्त सम्मान निधि मिलेगी। मछली पकड़ने के उपकरणों पर 90% तक अनुदान दिया जाएगा। नाव खरीदने पर 70% सब्सिडी DBT के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि

    हमीरपुर में ₹25 करोड़ की लागत से एक्वा पार्क बनाया जाएगा। वहीं, पोल्ट्री फार्म को “उड़ान योजना” के तहत PPP मोड पर विकसित किया जाएगा। प्रत्येक पोल्ट्री यूनिट को भूमि पर 30% सब्सिडी और बैंक सहायता पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    किसानों के लिए राहत

    प्राकृतिक गेहूं का मूल्य ₹60 से बढ़ाकर ₹80 प्रति किलो, मक्की ₹40 से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलो, हल्दी का MSP ₹90 से बढ़ाकर ₹150 प्रति किलो, अदरक के लिए पहली बार ₹30 प्रति किलो समर्थन मूल्य घोषित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, गाय और भैंस के दूध के दाम में ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी, गद्दी समुदाय के लिए ₹300 करोड़ की विशेष योजना की गई। इसके साथ चरवाहों को डिजिटल कार्ड जारी किए जाएंगे, जिनमें उनका पूरा रिकॉर्ड होगा।

    दूध के नए दाम

    • गाय का दूध: ₹51 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर
    • भैंस का दूध: ₹61 से बढ़ाकर ₹71 प्रति लीटर

    बजट का आकार घटा

    इस बार बजट का कुल आकार ₹54,928 करोड़ रखा गया। पिछले वर्ष के ₹58,514 करोड़ की तुलना में ₹3,586 करोड़ कम। यह पहली बार है जब बजट का आकार बढ़ाने के बजाय घटाया गया है।

    अधूरी परियोजनाओं पर फोकस

    70% पूर्ण हो चुकी 300 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान।

    युवाओं और योजनाओं पर फोकस

    युवाओं के स्वरोजगार के लिए ₹650 करोड़ की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना।
    सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेज़ी माध्यम शुरू।
    महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से ₹1500 प्रति माह देने की योजना।
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अपनी सभी 10 गारंटियों को 100% पूरा करेगी।

    पिछला बजट

    पिछले वित्त वर्ष में ₹58,514 करोड़ का बजट पेश किया गया था। इस वर्ष भी परिस्थितियों को देखते हुए बजट इसी के आसपास रहने का अनुमान था। बजट से पहले मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ देर रात तक मसौदे पर चर्चा की और अंतिम रूप दिया।

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